जयपुर। राजस्थान के भूमि विकास बैंकों के ऋणी सदस्यों के लिए राज्य सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26' का लाभ उठाने हेतु अब केवल अंतिम दो दिवस शेष रह गए हैं। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मन्सा के अनुरूप संचालित इस कल्याणकारी योजना की समय सीमा 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रही है, जिसे देखते हुए पात्र ऋणी सदस्यों को तत्काल अपने संबंधित जिले के सहकारी भूमि विकास बैंक से संपर्क कर ऑनलाइन रसीद प्राप्त करने का आह्वान किया गया है।

राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक के प्रबंध निदेशक श्री जितेन्द्र प्रसाद ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति में अब मात्र दो दिन शेष हैं, जिनमें से कार्य दिवस केवल एक ही उपलब्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना की अवधि को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा, अतः जो ऋणी सदस्य अब तक इस लाभ से वंचित रहे हैं, वे 31 मार्च से पूर्व ऑनलाइन प्रक्रिया पूर्ण कर अपनी बकाया राशि का निपटान सुनिश्चित करें।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा 12 मार्च, 2025 को विधानसभा में की गई घोषणा की अनुपालना में किसानों एवं लघु उद्यमियों के आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से 200 करोड़ रुपये का विशेष बजट प्रावधान कर यह योजना लागू की गई थी। योजना के प्रावधानों के तहत, पात्र ऋणियों को केवल मूल ऋण, बीमा प्रीमियम और 1 जुलाई 2024 के बाद की ब्याज राशि ही जमा करानी होगी। इसके बदले में 30 जून 2024 तक का शत-प्रतिशत बकाया अवधिपार ब्याज एवं दण्डनीय ब्याज पूर्णतः माफ किया जा रहा है, जिसका वहन राज्य सरकार स्वयं कर रही है। हालांकि पूर्व में किसानों और लघु उद्यमियों के व्यापक हित को देखते हुए इस योजना की अवधि को तीन-तीन माह के अंतराल पर बढ़ाया गया था, किंतु अब यह अवसर अपने अंतिम पड़ाव पर है, जो प्रदेश के कृषि एवं लघु उद्यम क्षेत्र के ऋणियों के लिए वित्तीय सुदृढ़ता प्राप्त करने का एक निर्णायक और ऐतिहासिक अवसर सिद्ध हो रहा है।

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