मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 12 साल से देश वित्तीय अनुशासन और स्थायित्व के साथ विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।

जयपुर, 2 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट को "आत्मनिर्भर से विकसित, संभावनाओं से उपलब्धियों और संकल्प से सिद्धि की ओर ले जाने वाला बजट" बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट में नए भारत की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ अंतिम व्यक्ति को आगे लाने की प्रतिबद्धता का भी पूरा ध्यान रखा गया है।

युवा शक्ति और कौशल विकास पर केंद्रित प्रावधान मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय बजट पर सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति केन्द्रित इस बजट में युवाओं के लिए निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं:
  • रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और सर्विस सेक्टर पर फोकस बढ़ाना।
  • इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल, 1 लाख 50 हजार केयर गिवर्स और टूरिस्ट गाइड्स को कौशल प्रशिक्षण।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में एवीजीसीएक्सआर पॉलिसी पहले ही लागू की जा चुकी है। अब माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेट क्रियेटर लैब्स की स्थापना से राजस्थान के युवाओं को दोहरा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं के लिए सशक्तिकरण, सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने, कृषि अवसंरचना एवं बाजार तक किसानों की पहुंच बढ़ाने और जोखिम घटाने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। हैवी मशीनरी निर्माण और औद्योगिक निवेश का आह्वान श्री शर्मा ने कहा कि यूरोप के साथ ऐतिहासिक समझौता होने के बाद इस बजट ने देश के छोटे-बड़े उद्योगों, मैन्युफैक्चरर्स, कारीगरों और कामगारों को वैश्विक बाजार में जगह बनाने के लिए नई दिशा दिखाई है।
  • बायो फार्मा, केमिकल्स, टेक्सटाइल, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं।
  • उन्होंने उद्योग जगत का आह्वान किया कि "कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर की हैवी मशीनरी के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बजट में लाई गई विशेष योजना का लाभ लेते हुए राजस्थान के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में अपनी इकाइयां लगाएं।"
  • इस बजट से प्रदेश के निर्यातकों को नए खुल रहे बाजारों में निर्यात वृद्धि के अवसर भी मिलेंगे।
राजस्थान के सोलर सेक्टर को मिलेगी नई गति मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में राजस्थान की संभावनाओं और आवश्यकताओं को पूरा स्थान मिला है:
  • अक्षय ऊर्जा के लिए 30 प्रतिशत ज्यादा करीब 32 हजार 914 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
  • पीएम सूर्यघर योजना को 22 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं।
  • सोडियम एंटीमोनेट (सोलर ग्लास मैन्युफेक्चरिंग) के आयात पर कस्टम ड्यूटी में छूट।
  • लीथियम आयन सेल बैटरी निर्माण (BESS) में प्रयुक्त पूंजीगत सामानों के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट।
राजस्थान सौर ऊर्जा में पहले से ही अग्रणी प्रदेश है, अब इन प्रावधानों से प्रदेश के सौर ऊर्जा क्षेत्र को नई गति मिलेगी। सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और एमएसएमई को प्रोत्साहन राज्य सरकार ने हाल ही में सेमीकंडक्टर नीति, एआईएमएल नीति और डेटा सेंटर नीति लागू की हैं, इसलिए राजस्थान सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि प्रदेश निम्न योजनाओं से लाभान्वित होगा:
  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, एआई मिशन, नेशनल क्वांटम मिशन।
  • इलेक्ट्रोनिक कम्पोनेन्ट मेनुफेक्चरिंग स्कीम, डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज इंसेंटिव्स।
  • एसएमई विकास निधि और आत्मनिर्भर भारत टॉपअप छोटे उद्योगों के लिए बड़ी सौगात।
  • महात्मा गांधी स्वराज योजना और चैम्पियन एमएसएमई पहल से छोटे उद्योगों के ग्लोबल बिजनेस हाउस बनने की राह होगी प्रशस्त।
  • मेगा टैक्सटाइल पार्क, टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और देशभर में 200 इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स का सुदृढ़ीकरण।
अवसंरचना विकास और शहरी ढांचा मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में अवसंरचना विकास पर विशेष जोर देते हुए 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे प्रदेश के शहरी ढांचे को मजबूत करने के लिए अधिक राशि मिल सकेगी। "इनविट बॉन्डस, आरईआईटी और म्युनिसिपल बॉन्डस से मिलने वाले आर्थिक संबल से प्रदेश के शहर बड़े पैमाने पर लाभान्वित होने जा रहे हैं।"

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