डेगाना में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का महिलाओं से संवाद, योजनाओं से आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तीकरण पर दिया जोर
डेगाना के तिलानेश गांव में ग्राम विकास चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिलाओं से संवाद कर केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभ, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, राजीविका, लखपति दीदी, उज्ज्वला और अन्य योजनाओं से हुए बदलावों पर विस्तार से चर्चा की। महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार का आभार व्यक्त किया।

डेगाना में आयोजित ग्राम विकास चौपाल के दौरान मंच पर संवाद करते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा।
डेगाना के तिलानेश गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प महिला, युवा, किसान और मजदूर जैसी चार प्रमुख श्रेणियों को सशक्त बनाकर विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से महिलाएं स्वयं के साथ अपने परिवार के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को आयोजित चौपाल में महिलाओं से संवाद करते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं से उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली और उनके सुझाव भी प्राप्त किए। उन्होंने महिलाओं से सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा अन्य महिलाओं को भी इन योजनाओं से जोड़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण की दिशा में कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से बेटियों के संरक्षण और शिक्षा को बढ़ावा दिया गया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय बनाकर महिलाओं के सम्मान और गरिमा की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। वहीं उज्ज्वला योजना के जरिए करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार आया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार डेयरी के माध्यम से पशुपालकों को 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दे रही है। साथ ही राजीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत मात्र डेढ़ प्रतिशत ब्याज दर पर डेढ़ लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराकर महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक एवं राजनीतिक रूप से सशक्त करने के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को विधानसभाओं और संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है, जिससे सरकार की योजनाओं और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि आने वाले भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से मा वाउचर योजना शुरू की गई है, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी जैसी सुविधा निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देते हुए नियमित रूप से दूध उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचा रही है। साथ ही आस्था का सम्मान करते हुए वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मंजू बाघमार, राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, विधायक अजय सिंह किलक, लक्ष्मण राम कलरू, रेवंतराम डांगा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने मुख्यमंत्री से संवाद किया और उन्हें स्वयं निर्मित उत्पाद भेंट किए। महिलाओं ने अपने जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन के लिए सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
कलस्टर मैनेजर नीरू सोलंकी ने बताया कि पहले उनके घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। राजीविका से जुड़ने के बाद उन्होंने सिलाई कार्य शुरू किया और बाद में उन्हें कलस्टर मैनेजर बनाया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उनकी वार्षिक आय करीब सवा लाख रुपये है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी बनाकर सशक्त करने और समाज में अलग पहचान दिलाने के लिए वह सरकार की आभारी हैं।
लखपति दीदी अनिता गौड़ ने कहा कि उनके पति की आय कम होने के कारण परिवार का खर्च चलाना कठिन था, लेकिन राजीविका से जुड़ने के बाद उन्होंने छोटा व्यवसाय शुरू किया, जिसमें उनके पति ने भी पूरा सहयोग किया। धीरे-धीरे आय बढ़ी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। उन्होंने बताया कि आज उनकी वार्षिक आय लगभग ढाई लाख रुपये है।
पशु सखी कमला ने बताया कि राजीविका से जुड़ने के बाद उनके जीवन को नई दिशा और पहचान मिली। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वह पशु सखी बनीं। वर्तमान में उनके पास चार भैंसें और एक इलेक्ट्रॉनिक सिलाई मशीन है। उन्होंने बताया कि पशुपालन और सिलाई कार्य से उन्हें हर महीने लगभग 40 हजार रुपये की आय हो रही है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास मिला है।
उद्यमी माया ने बताया कि एक समय उनका स्वयं सहायता समूह किराए के भवन से संचालित होता था, लेकिन राज्य सरकार के सहयोग से अब समूह का अपना भवन है, जिससे उनके कार्य को नई पहचान और नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 30 से 40 महिलाएं समूह से जुड़कर जूट के बैग, खिलौने और अन्य उत्पाद तैयार कर रही हैं तथा लगभग ढाई लाख रुपये की मासिक आय के साथ यह समूह महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है।
बर्तन बैंक संचालक राधा देवी ने बताया कि कभी उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी, लेकिन सरकार की योजनाओं से उन्हें आवास और गैस सिलेंडर जैसी सुविधाएं मिलीं। उन्होंने कहा कि राजीविका से जुड़कर वह प्लास्टर को-ऑर्डिनेटर बनीं और आज गांव में बर्तन बैंक का संचालन कर रही हैं। स्वयं सहायता समूह से उन्हें तीन बार ऋण मिला, जिसने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। उन्होंने कहा कि अब वह अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
महिलाओं के साथ हुए इस संवाद में मुख्यमंत्री ने सरकारी योजनाओं के व्यापक प्रभाव को रेखांकित करते हुए महिलाओं से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने और अन्य महिलाओं तक भी इनका लाभ पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने अनुभव साझा कर बताया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं से उनके जीवन, आय और सामाजिक पहचान में सकारात्मक परिवर्तन आया है।

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