राज उन्नति बैठक में 23,890 करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा; ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और रिंग रोड के कार्यों में तेजी लाने तथा लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित ‘राज उन्नति’ की चौथी बैठक में 23 हजार 890 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर अब व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक के दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट्स में देरी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी और हर हाल में समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज उन्नति बैठक से 15 दिन पूर्व विभागीय स्तर पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाए, ताकि बेहतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके। बैठक में कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापना के 87 प्रस्ताव प्रक्रियाधीन होने की जानकारी पर उन्होंने असंतोष जताया और ग्रामीण विकास एवं सहकारिता विभाग को समन्वय स्थापित कर प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।

प्रदेश में बेहतर एयर कनेक्टिविटी को प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने भरतपुर-डीग, सीकर-झुन्झुनूं, आबूरोड और बांसवाड़ा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की प्री-फिजिबिलिटी स्टडी कराने के निर्देश दिए। बीकानेर के नाल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित कर निविदा प्रक्रिया पूर्ण करने पर भी जोर दिया गया। सिविल एयरपोर्ट विस्तार के लिए भूमि प्रत्यावर्तन की स्वीकृति और वन व राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन पूर्ण होने की जानकारी भी दी गई।

जयपुर के टोंक रोड बी2 बायपास पर 90 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित राजस्थान मंडपम को लेकर मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग, जेडीए, पीएचईडी और जिला प्रशासन को समन्वित कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को आगामी दो वर्षों में पूरा करने के साथ ही टोंक रोड और जेएलएन मार्ग सहित प्रमुख मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने पर जोर दिया। ऊर्जा विभाग को बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम परियोजनाओं का शीघ्र उद्घाटन करने के निर्देश भी दिए गए।

जयपुर नॉर्दर्न रिंग रोड परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने भूमि अवाप्ति प्रक्रिया को जून 2026 तक पूर्ण करने, अक्टूबर 2026 तक कार्य प्रारंभ करने और जनवरी 2028 तक परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए। एनएचएआई अधिकारियों ने वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।

राइजिंग राजस्थान के तहत चिन्हित एमओयू की प्रगति पर चर्चा करते हुए जोधपुर में जेनरेटिव एआई आधारित इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट परियोजना के लिए भूमि अवाप्ति के निर्देश दिए गए। जयपुर में एकीकृत लॉजिस्टिक परियोजना के अंतर्गत इनलैंड कंटेनर डिपो और मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू समुदायों के सशक्तीकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बजटीय घोषणा के अनुरूप आवास उपलब्ध कराने हेतु जिलेवार योजना बनाकर प्राथमिकता से आवंटन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अमृत 2.0 योजना के तहत परियोजनाओं में हो रही देरी पर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विलंब से अन्य परियोजनाओं की गति भी प्रभावित होती है। मुख्य सचिव को इसकी नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत स्ट्रीट वेंडर्स और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को ऋण वितरण प्रक्रिया को सरल बनाने तथा लंबित आवेदनों को शून्य करने पर भी जोर दिया गया।

जन परिवेदनाओं के निस्तारण में लापरवाही पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो कार्मिकों को निलंबित करने और एक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बालोतरा के विमलेश पटेल के प्रकरण में 16 सीसीए नोटिस जारी करने, डूंगरपुर के शांतिलाल कटारा की माता की जीएसएलआई बीमा राशि का भुगतान नहीं होने पर संबंधित सीडीपीओ को निलंबित करने तथा अजमेर के बाबूलाल बैरवा के कृषि यंत्र सब्सिडी मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। बाड़मेर के धन्नाराम के कृषि आदान-अनुदान भुगतान में अनियमितता पर जांच के आदेश भी दिए गए। साथ ही किसानों को फसल मुआवजे की सही जानकारी देने के निर्देश जारी किए गए। सभी परिवादियों ने समाधान पर संतोष व्यक्त किया।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में स्पष्ट किया कि जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Pratahkal Bureau

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