बाबा साहेब अंबेडकर जयंती: सीएम भजनलाल ने की 200 ई-लाइब्रेरी की घोषणा
मुख्यमंत्री ने अंबेडकर जयंती पर 1363 करोड़ रुपये का डीबीटी ट्रांसफर किया और जयपुर के मूंडला में आवासीय कोचिंग संस्थान खोलने का निर्णय लिया।

राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर जयपुर में आयोजित भव्य राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के पिछड़े, वंचित और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के सर्वांगीण विकास का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मूल मंत्र पर अडिग वर्तमान डबल इंजन सरकार बाबा साहेब के सामाजिक न्याय के आदर्शों को अपनी कार्यप्रणाली की बुनियाद मानती है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब के सिद्धांतों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगरीय क्षेत्रों में 200 अंबेडकर ई-लाइब्रेरी स्थापित करने और अंबेडकर पीठ, मूंडला, जयपुर में एक अत्याधुनिक अंबेडकर आवासीय कोचिंग केन्द्र की स्थापना करने की महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जो राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य में मील का पत्थर साबित होंगी।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने जनकल्याण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पेंशन एवं पालनहार योजना के लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 1 हजार 363 करोड़ रुपये की विशाल राशि सीधे हस्तांतरित की। विकास कार्यों की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने 10 छात्रावास भवनों का लोकार्पण और 17 नवीन भवनों का शिलान्यास किया, साथ ही जामडोली स्थित स्वयंसिद्धा परिसर में नवनिर्मित लाइब्रेरी का वर्चुअल उद्घाटन भी संपन्न हुआ। तकनीक और सेवा के संगम के रूप में मुख्यमंत्री ने एआई आधारित ‘हैल्प डेस्क समाधान साथी‘ का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में विशेष योग्यजनों को सहायक उपकरण और कन्यादान योजना के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई, जबकि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के मेधावी विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया।
प्रदेश में पिछड़े वर्गों के उत्थान का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की प्रभावी नीतियों के कारण अनुसूचित जाति और जनजाति पर होने वाले अत्याचार के प्रकरणों में 28 प्रतिशत से अधिक की निर्णायक कमी दर्ज की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जाति उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 292 करोड़ रुपये से 3 लाख 75 हजार विद्यार्थी और अनुसूचित जनजाति योजना के तहत 534 करोड़ रुपये से 3 लाख 21 हजार विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं। इसी प्रकार, अति पिछड़ा वर्ग के 1 लाख 62 हजार विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति का लाभ मिला है। डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित-आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत ढाई हजार से अधिक उद्यमियों को ऋण प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राजस्थान आज धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम-जनमन योजना के क्रियान्वयन में देश भर में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर 1 हजार 450 रुपये करना और पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से आरक्षित वर्ग के युवाओं को रोजगार देना सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत ने भी इस अवसर पर संबोधित करते हुए राज्य सरकार के विजन की सराहना की। समारोह के प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, डॉ. प्रेमचंद बैरवा सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायकगण और मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिसने इस आयोजन की भव्यता और राज्य के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ किया।

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