राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय: 18वाँ स्थापना दिवस और महिला दिवस समारोह
प्रो. सच्चिदानंद जोशी ने विश्वविद्यालय की परिपक्वता पर बल दिया और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए विमेन एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 प्रदान किए गए।

राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के 18वें स्थापना दिवस पर मुख्य अतिथि प्रो. सच्चिदानंद जोशी, कुलपति प्रो. आनंद भालेराव और सम्मानित विभूतियां दीप प्रज्वलन करते हुए।
राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में ज्ञान, संस्कृति और नारी शक्ति का भव्य और दिव्य उत्सव आयोजित किया गया, जहाँ शिक्षा, नवाचार और परंपराओं का अद्भुत मेल देखने को मिला। इस अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली के माननीय सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानंद जोशी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
विश्वविद्यालय की परिपक्वता और राष्ट्र निर्माण का संकल्प
मुख्य अतिथि प्रो. सच्चिदानंद जोशी ने विश्वविद्यालय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि "राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और शोधार्थियों के रूप में हीरे गढ़ने का कार्य कर रहा है और इस चमक को बनाए रखना विश्वविद्यालय समुदाय की सामूहिक जिम्मेदारी है।" उन्होंने 18वें स्थापना दिवस की तुलना नागरिक अधिकारों की आयु से करते हुए कहा कि अब यह केवल विकसित हो रहा संस्थान नहीं, बल्कि एक परिपक्व विश्वविद्यालय है, जिसे समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और गंभीरता से निभाना होगा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उन्होंने इसे प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक संकल्प बताते हुए अपनी काव्य पंक्तियाँ भी साझा कीं।
मानवीय रचनात्मकता बनाम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
शिक्षण के क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों पर चर्चा करते हुए प्रो. जोशी ने स्पष्ट किया कि “दुनिया की कोई भी तकनीक, कभी भी किसी शिक्षक का स्थान नहीं ले सकती।” उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को केवल एक उपकरण न मानकर निर्णय लेने वाली व्यवस्था बताया और इसके संतुलित उपयोग पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रगति के लिए चार ‘C’—Commitment (समर्पण), Creativity (रचनात्मकता), Contentment (संतोष) और Compassion (करुणा) का मंत्र दिया।
महिला सशक्तीकरण और सामाजिक आंदोलनों की सार्थकता
कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि के रूप में सेवा न्यास उत्थान फाउंडेशन की संस्थापक सुश्री स्वाति गोयल शर्मा उपस्थित रहीं। उन्होंने सफरेज आंदोलन और महिलाओं के मताधिकार के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्सवों को केवल भौतिकता तक सीमित न रखकर उन मूल उद्देश्यों को समझना आवश्यक है जिनके लिए महिलाओं ने संघर्ष किया। उन्होंने समाज में नैतिकता और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए कहा कि हमें ऐसे संस्कार छोड़ने चाहिए जो सुरक्षित समाज का निर्माण करें।
कुलपति प्रो. आनंद भालेराव का अध्यक्षीय संबोधन और उपलब्धियां
कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने अतिथियों का स्वागत शॉल, स्मृति चिन्ह, भगवद गीता और भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय की यात्रा सपनों से उपलब्धियों तक की कहानी है। उन्होंने बताया कि राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय क्यूएस रैंकिंग में स्थान प्राप्त कर चुका है और इसे प्रति माह एक करोड़ रुपये से अधिक का शोध अनुदान मिल रहा है। लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से आधारभूत संरचना के विकास कार्य जारी हैं और नवाचार के लिए सेंट्रल इंस्ट्रुमेंटेशन लेबोरेटरी विकसित की जा रही है। उन्होंने कार्डियोलॉजी, न्यूरोसाइंस और होटल मैनेजमेंट जैसे नए पाठ्यक्रमों की भी जानकारी दी।
जीवन साधना गौरव और विमेन एक्सीलेंस अवॉर्ड्स का वितरण
समारोह में वर्ष 2026 के पद्मश्री के लिए नामांकित भपंग वादक श्री गफरुदीन मेवाती जोगी और अलगोजा वादक श्री तगा राम भील को “जीवन साधना गौरव पुरस्कार” से नवाजा गया। उन्हें 51,000 रुपये की राशि, प्रशस्ति-पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। महिला दिवस के उपलक्ष्य में सुश्री चंद्रकला शर्मा को “विमेन सोशल इम्पैक्ट अवॉर्ड 2026”, प्रो. सुष्मी बदुलिका को “विमेन साइंटिस्ट अवॉर्ड 2026” और प्रो. अंशु डांडिया को “विमेन एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड 2026” से सम्मानित किया गया। इन सभी विदुषियों को भी 51,000 रुपये का चेक और सम्मान निधि भेंट की गई।
उत्कृष्ट शिक्षक, शोधकर्ता सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
अकादमिक उत्कृष्टता के लिए सांख्यिकी विभाग के डॉ. दीपेश भाटी को “बेस्ट टीचर 2026” तथा गणित विभाग के डॉ. आनंद कुमार एवं बायोकेमिस्ट्री विभाग के डॉ. दीपक गायेन को “बेस्ट रिसर्चर 2026” का पुरस्कार दिया गया। इस दौरान तीन शोध फिल्मों और एक विशेष वृतचित्र का विमोचन भी हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पद्मश्री गफरुद्दीन मेवाती जोगी और पद्मश्री तगा राम भील की टीम द्वारा भपांग और अलगोजा की सुमधुर लोकसंगीत प्रस्तुति रही। मंच संचालन डॉ. शीतल प्रसाद महेन्द्रा और जनसम्पर्क अधिकारी अनुराधा मित्तल ने किया, जिसमें विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

Pratahkal Bureau
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