मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के विजन से प्रदेश के युवाओं को रोजगार एवं उद्यमिता के भरपूर अवसर उपलब्ध होंगे। 12 फरवरी को जयपुर में मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप राजस्थान विधानसभा में पेश किया गया बजट 2026-27 गरीब, युवा, अन्नदाता एवं नारी शक्ति (GYAN) के कल्याण व सशक्तीकरण के कार्यों को मजबूती देगा। इस बजट में प्रदेश की बड़ी आबादी युवाओं को रोजगार एवं उद्यमिता के भरपूर अवसर उपलब्ध कराने के लिए जरूरी प्रावधान किए गए हैं, इससे युवा शक्ति को राज्य सरकार की विकसित राजस्थान-2047 की संकल्पना को भी साकार करने के लिए नई ऊर्जा मिलेगी।


मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और स्टार्टअप्स

मुख्यमंत्री के ध्येय "युवा नौकरी लेने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने", को साकार करने के लिए बजट में निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं:

  • मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत एक लाख युवाओं को 10 लाख रूपए तक के ऋण पर शत प्रतिशत ब्याज अनुदान तथा मार्जिन मनी अनुदान आदि की सुविधा मिलेगी।
  • राज्य सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान कर 30 हजार युवाओं को इस योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है।
  • प्रतिभावान विद्यार्थियों के स्टार्टअप्स के विकास के लिए नॉलेज पार्टनर के सहयोग से प्रत्येक जिले के चयनित महाविद्यालय में ‘वाईब्रेंट प्रोग्राम’ चलाया जाएगा।

शिक्षा और कौशल हेतु ‘ड्रीम’ व ‘राजसवेरा’ कार्यक्रम

महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए रोजगार परक कौशल, कैरियर गाइडेंस तथा डिजिटल मेंटोरिंग आवश्यक है। इसके लिए प्रौद्योगिकी सक्षम परामर्श प्रदान करने के लिए ‘ड्रीम प्रोग्राम’ चलाया जाएगा। वहीं, नशामुक्त राजस्थान की संकल्पना को साकार करने के लिए ‘राजसवेरा’ कार्यक्रम चलाने का प्रावधान किया गया है।


परीक्षाओं में पारदर्शिता: ‘राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी’ (आरएसटीए) की स्थापना

मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए ठोस निर्णयों से प्रदेश में गत दो वर्ष से अधिक समय में पेपरलीक की घटनाओं पर लगाम लगी है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को बनाए रखने, साथ ही अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से "‘राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी’ (आरएसटीए) की स्थापना की जाएगी।" घोषित एवं प्रक्रियाधीन भर्ती परीक्षाओं को सप्ताह के सभी दिनों में आयोजित कराने के लिए ऑनलाइन टेस्टिंग सुविधायुक्त टेस्ट सेंटर के निर्माण का भी प्रावधान किया गया है। इससे शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई में भी अनावश्यक व्यवधान नहीं होगा।


स्किल्ड राजस्थान: विदेशी भाषा प्रशिक्षण और स्किल इम्पैक्ट बॉण्ड

बजट 2026-27 में स्किलिंग इको-सिस्टम को मजबूत बनाने और युवाओं को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार करने हेतु विशेष कदम उठाए गए हैं:

  • राज्य में पहली बार ‘आउटकम बेस्ड स्किल इम्पैक्ट बॉण्ड’ लाया जाएगा, जिसके तहत प्लेसमेंट आधारित मापदंड पूरे होने पर ही भुगतान होगा।
  • हॉस्पिटैलिटी, आईटी एवं स्वास्थ्य सेवाओं जैसे ग्राहक केन्द्रित क्षेत्रों के लिए एक हजार युवाओं को अंग्रेजी, फ्रेंच, जापानी, जर्मन व कोरियन भाषा में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • असंगठित क्षेत्रों के 20 हजार अनुभवी कामगारों को ‘रिकॉग्निशन ऑफ प्रियोर लर्निंग’ के माध्यम से ट्रेड अनुसार मूल्यांकन एवं प्रमाणीकरण करवाया जायेगा।

टेक्नो हब और व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार

अजमेर, भरतपुर एवं कोटा में ‘टेक्नो हब’ के लिए 30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रत्येक जिले में इंस्टिट्यूट ऑफ स्किल डवलपमेंट एवं वोकेशनल ट्रेनिंग तथा स्टार्टअप्स की मेंटरशिप हेतु ‘आईस्टार्ट एंबेसडर प्रोग्राम’ प्रारंभ किया जाएगा। अजमेर, भरतपुर एवं कोटा में टिन्करिंग लैब, डीपटेक लैब, डाटा व एआई लैब जैसी नेक्स्ट जनरेशन टेक्नोलॉजी वाले नवीन ‘टेक्नो हब’ स्थापित किए जाएंगे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने हेतु:

  • पूर्व में संचालित 4 हजार 19 विद्यालयों के अतिरिक्त आगामी सत्र में 500 और विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू होगी।
  • इसके लिए 51 करोड़ 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • ‘स्कूल टू वर्क’ कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले में एक विद्यालय को उन्नत व्यावसायिक उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया जाएगा।

एससी-एसटी उद्यमिता और रोजगार लक्ष्य

डॉ. भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना (बी.आर.यू.पी.वाई) अंतर्गत वर्ष 2025-26 में दिसम्बर माह तक कुल 1022 ऋण आवेदनों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 890 आवेदकों को 222.95 करोड़ रुपये की ऋण राशि से लाभान्वित किया गया है। इस बजट में 2500 लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। वहीं, युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के तहत दिसम्बर, 2025 तक 706 इकाइयों को 764.43 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए।

राज्य सरकार ने राजस्थान रोजगार नीति-2026 के माध्यम से मार्च 2029 तक 15 लाख रोजगार के अवसर स्वरोजगार, वेतन आधारित रोजगार और उद्यमिता के माध्यम से सृजित करने का लक्ष्य रखा है।

इसके अतिरिक्त, राजस्थान युवा नीति-2026 के जरिए युवाओं की क्षमताओं के विकास हेतु रोडमैप बनाया गया है। विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना और राजस्थान कौशल नीति-2025 के माध्यम से युवाओं की रोजगार क्षमता तथा आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है।

Pratahkal Bureau

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