जयपुर, 11 फरवरी। जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने राज्य बजट को जनकल्याण, आधारभूत संचरना विकास और संसाधनों के सुनियोजित उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण भविष्योन्मुखी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बजट में प्रदेश के सर्वांगीण विकास का मजबूत आधार रखा है।


यमुना जल और शेखावाटी के लिए बड़ी सौगात

श्री रावत ने बताया कि विकसित राजस्थान के लक्ष्य को प्राप्त करने में राज्य बजट मील का पत्थर साबित होगा। इसमें जल संसाधन क्षेत्र के लिए विशेष घोषणाएं हुई हैं। ये प्रदेश में सिंचाई विस्तार, जल संरक्षण और दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यह बजट राज्य को जल आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।

जल संसाधन मंत्री ने बताया कि हथिनीकुंड बैराज से यमुना जल लाने की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया गया है। बुधवार को पेश बजट में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 32 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रावधान है।

  • "इससे शीघ्र ही परियोजना के कार्य शुरू हो सकेंगे। इसके पूर्ण होने पर सीकर, चूरू, झुंझुनूं सहित पूरे शेखावाटी अंचल को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।"
  • "मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के सतत प्रयासों और केन्द्र सरकार के सहयोग से शेखावाटी क्षेत्र की तीन दशक पुरानी मांग अब साकार होने जा रही है। अब हमें यमुना से अपने हिस्से का पानी मिलेगा।"

सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार और बजट आवंटन

श्री रावत ने बताया कि बजट में 11 हजार 300 करोड़ रुपए लागत की 88 विभिन्न सिंचाई परियोजनाएं के लिए भी घोषणा की गई हैं। इनसे हमारे किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन को नई गति मिलेगी।

मुख्य रूप से मानसून में अनास नदी के व्यर्थ बहकर जा रहे अधिशेष जल को कृत्रिम जलाशय बनाकर फीडर नहर के माध्यम से सोम कमला अम्बा तक अपवर्तन के लिए 5 हजार 900 करोड़ रुपए की परियोजना के कार्यों के लिए घोषणा की गई है। इस परियोजना का विस्तार करते हुए निम्न कार्य किए जाएंगे:

  • जालोर में जल संचयन एवं भंडारण क्षमता व उपयोग की संभावना का अध्ययन।
  • रिजर्वायर विकसित करने के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी।
  • इससे बांसवाड़ा, सलूम्बर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, उदयपुर, पाली, जालोर जिलों को लाभ मिलेगा।

विशिष्ट क्षेत्रीय विकास और नवीन तकनीक

जल संसाधन मंत्री ने बताया कि छोटी कालीसिंध व चाचूर्णी नदी पर मध्यम सिंचाई परियोजना-झालावाड़ के अंतर्गत फव्वारा पद्धति से सिंचाई सुविधा विकसित करने के कार्य होंगे।

  • लागत: 1 हजार 622 करोड़ रुपए।
  • लाभ: चौमहला-गंगधार क्षेत्र के आसपास के लगभग 32 गांवों के 9 हजार 727 हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित होगा।

इसके अतिरिक्त, बीसलपुर परियोजना की दायीं मुख्य नहर के 5 हजार हेक्टेयर कमांड क्षेत्र में फव्वारा पद्धति से सिंचाई सुविधा का कार्य लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से कराया जाएगा। इससे लगभग 10 हजार 500 किसान लाभान्वित होंगे।


छोटे बांधों का जीर्णोद्धार और आभार

श्री रावत ने बताया कि पंचायती राज विभाग से जल संसाधन विभाग को हस्तांतरित 3 हजार 236 छोटे बांधों/तालाबों का चरणबद्ध रूप से जीर्णोद्धार किया जाएगा।

  • प्रथम चरण में 200 बांधों/तालाबों पर कार्य होंगे।
  • इस पर 300 करोड़ रुपए व्यय होेंगे।
  • इनके साथ ही प्रदेश में विभिन्न जिलों में जल संसाधन से सम्बंधित विभिन्न कार्य कराए जाएंगे।

उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं की घोषणाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और वित्त मंत्री दिया कुमारी का आभार व्यक्त किया।

Pratahkal Bureau

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