विकसित राजस्थान @ 2047: किसानों को 25 हजार करोड़ का ब्याजमुक्त फसली ऋण
सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने बजट 2026-27 को समावेशी बताया, जिसमें 35 लाख किसानों को ऋण और सहकारी समितियों में नए गोदामों का प्रावधान है।

जयपुर में बजट घोषणाओं के दौरान सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने विकसित राजस्थान @ 2047 के तहत किसानों और सहकारी समितियों के सशक्तिकरण की रूपरेखा प्रस्तुत की।
जयपुर, 11 फरवरी। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि वर्ष 2026-27 का राज्य बजट विकसित राजस्थान @ 2047 के विज़न को ठोस आधार प्रदान करने वाला विकासोन्मुखी एवं सर्वस्पर्शी बजट है। यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा तथा इससे प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सर्वांगीण विकास की प्राथमिकताएं
श्री दक ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रस्तुत इस बजट में विविध क्षेत्रों को संतुलित प्राथमिकता दी गई है:
- युवा कल्याण और शिक्षा
- आधारभूत संरचना और ऊर्जा
- अपराध नियंत्रण और पेयजल
- चिकित्सा, पर्यटन और उद्योग
- कृषि, कृषक कल्याण एवं सहकारिता
"उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्रीमती दिया कुमारी द्वारा की गई घोषणाएं राज्य को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की प्रतिबद्धता का परिचायक हैं। बजट में युवा, महिला, किसान एवं श्रमिक आदि सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा गया है।"
‘सहकार से समृद्धि’: किसानों और उद्यमियों के लिए बड़े प्रावधान
सहकारिता मंत्री ने कहा कि बजट में सहकारी सेक्टर की मजबूती के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रावधान किये गए हैं, जिससे ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को बल मिलेगा।
- किसानों को आर्थिक चिन्ता से मुक्ति दिलाने के लिए आगामी वर्ष में 35 लाख कृषकों को 25 हजार करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध करवाने का बजट में प्रावधान किया गया है।
- इसके ब्याज अनुदान पर 800 करोड़ रुपये का व्यय होगा।
- दीर्घकालीन सहकारी कृषि एवं अकृषि क्षेत्रों के लिए 590 करोड़ रुपये के ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान की घोषणा की गई है, जिससे ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।
- इससे लगभग 26 हजार किसान एवं लघु उद्यमी लाभान्वित होंगे।
भण्डारण क्षमता का विस्तार एवं उपभोक्ता कल्याण
श्री दक ने कहा कि सहकारी समितियों में नवीन गोदामों के निर्माण तथा जीर्ण-शीर्ण गोदामों के पुनर्निर्माण से राज्य की भण्डारण क्षमता में वृद्धि होगी।
नवगठित जिलों में जिला सहकारी उपभोक्ता भण्डार स्थापित किए जाने एवं सभी जिलों में उपहार विक्रय केन्द्र शुरू किए जाने से उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण वस्तुएं अन्य खाद्य उत्पाद उचित दामों पर उपलब्ध हो सकेंगे।
"सहकारिता मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इन घोषणाओं से राज्य में सहकारी तंत्र सशक्त होगा और राजस्थान को विकसित राज्य बनाने की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित होगी।"

Pratahkal Bureau
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