जयपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र राना एवं महासंघ प्रमुख महेंद्र सिंह ने राजस्थान बजट 2026 पर राज्य कर्मचारियों की ओर से मिली-जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है।


बजट पर महासंघ की मिली-जुली प्रतिक्रिया

राजेन्द्र राना और महेंद्र सिंह ने बताया कि "बजट में नियमित हों या अनियमित कर्मचारियों के हाथ खाली हैं, जिसकी कर्मचारियों ने उम्मीद नहीं की थी।"

सकारात्मक निर्णय: वेतन विसंगति और बीमा योजना

महासंघ ने बजट के कुछ पहलुओं का स्वागत किया है:

  • बजट में नियमित कर्मचारियों की पिछली 20 वर्षों से व्याप्त वेतन विसंगति पर खेमराज कमेटी की पूर्व प्रकाशित रिपोर्ट (जिसमें किसी भी संवर्ग की मूल वेतन विसंगति को दूर करने की सिफारिश नहीं की गई थी) से कर्मचारियों में भारी नाराजगी थी।
  • महासंघ की मांग पर उसके पुनः परीक्षण हेतु उच्च स्तरीय कमेटी का गठन तथा उत्तर प्रदेश की तरह सैलरी एवं पेंशन अकाउंट्स बीमा का निर्णय स्वागत योग्य है।

ज्वलंत मांगों पर सरकार की चुप्पी और गहराता असंतोष

महासंघ प्रवक्ता जितेन्द्र चौधरी ने बताया कि कई महत्वपूर्ण मांगों पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष और गहरा गया है:

  • 50 प्रतिशत पेंशन के लिए पुरानी संविदा सेवा अवधि की नियमित सेवा में नोशनल गणना करना।
  • नियमित सेवा अवधि देहली की तरह 25 वर्ष से घटाकर 20 वर्ष करना।
  • संविदा, निविदा, मानदेय भोगी कार्मिकों का नियमितीकरण एवं वेतन वृद्धि।
  • 9/18/27 वर्ष पर MACP परिलाभ को 7/14/21 वर्ष करना।
  • पदनाम परिवर्तन और भ्रष्टाचार मुक्त स्थानांतरण नीति।
  • पदोन्नति पदों में वृद्धि।

इन ज्वलंत मांगों पर सरकार की चुप्पी से कर्मचारियों में व्याप्त असंतोष और गहरा गया है, जिस पर मुख्यमंत्री जी को संवेदनशीलता से विचार कर अपेक्षित निर्णय करने की आवश्यकता है।


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