मदन राठौड़: राजस्थान के किसानों और गांवों के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पंचायती राज चुनाव गांवों के विकास और किसानों की खुशहाली का नया अवसर हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

जयपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने किसान योजनाओं की जानकारी दी।
जयपुर, 21 अक्टूबर 2026। राजस्थान में किसानों की आर्थिक मजबूती और ग्रामीण विकास को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सरकार की योजनाओं और पंचायती राज चुनावों के महत्व को सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार गांव, गरीब और किसान के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को आर्थिक सहायता, ब्याजमुक्त फसली ऋण, प्राकृतिक आपदाओं में राहत और कृषि निवेश के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंचायती राज चुनाव केवल जनप्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि गांवों के विकास, किसानों की खुशहाली और ग्रामीण राजस्थान के भविष्य को नई दिशा देने का अवसर हैं। भाजपा का संकल्प है कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और पंचायतें आत्मनिर्भर एवं सशक्त ग्रामीण व्यवस्था की आधारशिला बनें।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रदेश के 76.18 लाख किसानों को 14,405 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई है। वहीं, मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की छह किश्तों के माध्यम से 65 लाख से अधिक किसानों को 3,387 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है।
राठौड़ के अनुसार, प्रदेश में 1.09 करोड़ किसानों को 67,293 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त 3.18 लाख नए किसानों को 561 करोड़ रुपये का फसली ऋण दिया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य किसानों को खेती के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध कराना और उन्हें साहूकारों पर निर्भरता से बचाना है।
उन्होंने कहा कि राज्य के पात्र किसानों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली वार्षिक सहायता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये किए जाने से उन्हें अतिरिक्त आर्थिक संबल मिला है। अब इस राशि को 6,000 रुपये तक बढ़ाया जाएगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन और अन्य आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देना भी आवश्यक है। इसी दिशा में 1.03 लाख पात्र गोपालक परिवारों को 775 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही 45,968 लाभार्थियों को 400 करोड़ रुपये का आजीविका ऋण दिया गया है।
उन्होंने बताया कि 66,043 किसानों को 66.49 करोड़ रुपये का ब्याज अनुदान और 11,145 किसानों एवं लघु उद्यमियों को 338 करोड़ रुपये का दीर्घकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया है। इन पहलों से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण उद्यमियों को अपनी आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करने तथा गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायता मिलती है।
प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को राहत देना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राठौड़ ने बताया कि प्रदेश में 59.53 लाख किसानों को 5,666 करोड़ रुपये का कृषि आदान अनुदान उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल फसल के समय सहायता देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आय सहायता, सस्ता ऋण, जोखिम सुरक्षा और कृषि में निवेश, इन चारों स्तरों पर सहयोग देना आवश्यक है। भाजपा सरकार इसी व्यापक दृष्टिकोण के साथ किसानों को मजबूत बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायित्व प्रदान करने की दिशा में काम कर रही है।
मदन राठौड़ ने कहा कि गांवों का सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब पंचायतें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करें। पेयजल, ग्रामीण सड़कें, स्वच्छता, कृषि सुविधाएं, पशुपालन, रोजगार और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार पंचायत व्यवस्था को मजबूत बनाने से जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रयास पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को बढ़ावा देना है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप काम करने में सक्षम बनाना ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण है।
राठौड़ ने कहा कि राजस्थान की समृद्धि का मार्ग गांवों की खुशहाली और किसानों की आर्थिक मजबूती से होकर गुजरता है। किसान आत्मनिर्भर होंगे, पशुपालकों को पर्याप्त अवसर मिलेंगे और ग्रामीण परिवारों की आजीविका मजबूत होगी, तभी पंचायत स्तर पर विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी। उन्होंने दोहराया कि भाजपा गांव, गरीब और किसान के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है तथा सशक्त पंचायतों, मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जनभागीदारी के माध्यम से विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

