राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दावा किया है कि उनकी सरकार ने चुनावी संकल्प पत्र में किए गए करीब 78 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए हैं और शेष घोषणाओं पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए विकास और जनसेवा को प्राथमिकता दे रही है। पानी, बिजली, सड़क, उद्योग, निवेश, आधारभूत ढांचे और सुशासन के क्षेत्र में राजस्थान अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। आने वाले समय में प्रदेश के शहरों की तस्वीर बदलेगी और गांव-गांव तक विकास कार्य पहुंचेंगे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में चर्चा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सरकार के दो साल के कार्यकाल, चुनावी वादों, रोजगार, जल एवं ऊर्जा परियोजनाओं, निवेश और विपक्ष के आरोपों सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ऐसी पार्टी है, जहां साधारण कार्यकर्ता भी सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। भाजपा में परिवारवाद के बिना मेहनत करने वाले और जनता के बीच रहने वाले व्यक्ति को अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका जन्म भी किसान परिवार में हुआ और भाजपा संगठन में एक कार्यकर्ता के रूप में काम करते हुए उन्हें राजस्थान की आठ करोड़ से अधिक जनता की सेवा करने का अवसर मिला। उनकी सरकार की प्राथमिकता शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राजस्थान जल एवं ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दशकों से लंबित जल परियोजनाओं को गति मिली है। देशभर में विगत समय में 10 अंतरराज्यीय जल समझौते हुए हैं, जिनमें अकेले राजस्थान के चार समझौते शामिल हैं। रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, किशाऊ और नर्मदा परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश की भविष्य की जल आवश्यकताओं को सुरक्षित करने के लिए काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से पेयजल के साथ किसानों को सिंचाई और उद्योगों को भी पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा।

उन्होंने जल संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्मभूमि से मातृभूमि तथा वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान जैसे कार्यक्रमों से भूजल स्तर में वृद्धि हुई है। सरकार जल संरक्षण को लेकर लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के कुशल प्रबंधन के कारण बिजली खरीदने वाला राजस्थान अब बिजली बेचने की स्थिति में पहुंच गया है। प्रदेश के 27 जिलों में किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। राजस्थान 51.6 गीगावाट स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता के साथ देश में पहले स्थान पर है। इसके अलावा करीब 6,000 मेगावाट-आवर की बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिससे पीक आवर्स में भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम योजना के क्रियान्वयन में भी राजस्थान अग्रणी है।

रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं को चार लाख सरकारी और छह लाख निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा था। अब तक एक लाख 93 हजार से अधिक सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। इसके अलावा एक लाख 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की दिशा में काम किया जा रहा है। निजी क्षेत्र में भी पांच लाख युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि तीन लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का कहना था कि सरकार इतनी नौकरियां नहीं दे पाएगी, लेकिन सरकार अपने वादे पर काम कर रही है और तय लक्ष्य से अधिक नौकरियां देगी।

विपक्ष की भूमिका पर निशाना साधते हुए भजनलाल शर्मा ने कहा कि विपक्ष के नेता बार-बार विभिन्न मुद्दों पर बहस की चुनौती देते हैं, लेकिन चर्चा के समय सदन से चले जाते हैं। सरकार ने विधानसभा में अपने दो साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया और उस पर चर्चा के लिए कहा, लेकिन विपक्ष विधानसभा से भाग गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस रिपोर्ट कार्ड में कई क्षेत्रों में पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल के कार्यकाल की तुलना में तीन से 28 गुना तक अधिक काम किए जाने का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि सरकार आगे भी अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखेगी।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी नीतियों के कारण राजस्थान उन्हें खंडहर मकान के रूप में मिला था। उस समय युवा पेपरलीक से परेशान थे, किसानों के सपने टूट रहे थे, महिलाओं पर अत्याचार हो रहे थे, कानून व्यवस्था की स्थिति खराब थी और भ्रष्टाचार चरम पर था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इसी के तहत भ्रष्टाचार में शामिल कार्मिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। अब तक 381 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निलंबित किया गया है तथा करीब 700 कार्मिकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा, "बायां हाथ भ्रष्टाचार करे या दायां हाथ, उसे काट दिया जाएगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान को प्रमुख निवेश एवं औद्योगिक केंद्र बनाने के उद्देश्य से सरकार ने अपने पहले ही वर्ष में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया था। इस समिट के माध्यम से 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए, जिनमें से नौ लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में शेष निवेश प्रस्ताव भी वास्तविक परियोजनाओं का रूप लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की खनिज संपदा और कृषि में विविधता प्रदेश की अर्थव्यवस्था की बड़ी ताकत है।

ग्रामीण विकास की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राजस्थान के प्रत्येक गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि ग्रामीणों को सुविधाओं के लिए शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़े। इसी उद्देश्य से विकसित ग्राम-वार्ड अभियान के माध्यम से विकास का रोडमैप तैयार किया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में चरणबद्ध तरीके से खेल मैदान और अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को ई-लाइब्रेरी और ई-मित्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कांग्रेस की ओर से संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाए जाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पूरा विश्वास है, लेकिन कांग्रेस नेता सत्ता की चाहत और राजनीतिक हताशा में संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने एसआईआर यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को इस प्रक्रिया पर कोई आपत्ति है तो वह तथ्यों और प्रमाणों के साथ अपनी बात रखे। हर प्रशासनिक प्रक्रिया को राजनीतिक विवाद का विषय बनाना और जनता के मन में भ्रम पैदा करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस जहां चुनाव जीतती है, वहां उसे ईवीएम सही लगती है और जहां हारती है, वहां ईवीएम पर सवाल उठाए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना और एसआईआर प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को कांग्रेस की राजनीतिक हार की हताशा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अराजकता का माहौल पैदा कर सत्ता हासिल करना चाहती है, लेकिन जनता उसकी असलियत जान चुकी है।

राजस्थान की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय पूर्ववर्ती सरकार के समय एक लाख 34 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर दो लाख पांच हजार रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान विकसित प्रदेश बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिला स्वरोजगार के क्षेत्र में भी प्रगति का दावा करते हुए उन्होंने बताया कि करीब 20 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। लाडो प्रोत्साहन योजना से लगभग 10 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं। बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 46 हजार स्कूटी और 13 लाख से अधिक साइकिल वितरित की गई हैं।

किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार की ओर से दी जा रही छह हजार रुपये की किसान सम्मान निधि के अतिरिक्त तीन हजार रुपये प्रदान कर रही है। इस राशि को तीन हजार रुपये और बढ़ाकर 12 हजार रुपये तक किया जाएगा। इसके अलावा किसानों को 67 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ब्याजमुक्त अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध कराया गया है। गेहूं की एमएसपी पर खरीद के लिए किसानों को 150 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस भी दिया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब की राजनीति को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने अपने प्रदेश को नशामुक्त बनाने का मन बना लिया है और उन्हें विश्वास है कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में पंजाब में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में चुनावी वादों की प्रगति, रोजगार सृजन, जल एवं ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और ग्रामीण विकास को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में पेश किया। उनके अनुसार, संकल्प पत्र के 78 प्रतिशत वादे पूरे हो चुके हैं और शेष कार्यों को पूरा करने की दिशा में सरकार की गतिविधियां जारी हैं।

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