जयपुर, 27 फरवरी। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण विकास विभाग की 98 अरब 18 करोड़ 41 लाख 30 हजार रूपए की अनुदान मांगें गुरूवार देर रात राजस्थान विधानसभा में ध्वनिमत से पारित हो गई हैं। ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अनुदान मांग पर हुई बहस का जवाब देते हुए पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों पर कड़ा रुख अपनाया।

मंडरायल और महुआ भ्रष्टाचार प्रकरण की एसीबी जांच के निर्देश

ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने सदन में जानकारी दी कि "गत सरकार के कार्यकाल में करौली जिले के मंडरायल में केवल 2 करोड़ के कार्य होने के बावजूद 28 करोड़ रूपये के बिल पास कर भुगतान कर दिया गया।" इसके साथ ही उन्होंने दौसा जिले की महवा विधानसभा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि "महुआ में पुराने कैमरे खरीद पर 38 लाख का भुगतान हो गया और ये एक दिन भी कार्यशील नहीं हो पाए।" डॉ. किरोड़ी ने इन दोनों प्रकरणों की एसीबी जांच के निर्देश दिए हैं।

मनरेगा की गड़बड़ियां और प्रधानमंत्री का विजन

डॉ. मीणा ने कहा कि "मनरेगा में ऐसे प्रकरण अपवाद नहीं, सामान्य थे और पर्याप्त सबूतों के बावजूद दबाव में तत्कालीन 6 जिला कलेक्टरों को क्लीन चिट दी गई।" उन्होंने आरोप लगाया कि "टांका निर्माण के नाम पर गत सरकार के कार्यकाल में 1450 करोड़ रूपए का घोटाला किया गया और इसका खुलासा भी उसी सरकार के मंत्रियों ने किया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।" उन्होंने जोर देकर कहा कि "मनरेगा की ऐसी गड़बड़ियों से गरीबों के हितों की रक्षा करने, योजना को भ्रष्टाचारप्रूफ बनाने, 100 की जगह 125 दिनों में गारंटीशुदा काम देने के लिए ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वीबी-जी राम जी लाए हैं।"

हरियालो राजस्थान और ग्रीन क्रेडिट से अतिरिक्त फंड

ग्रामीण विकास मंत्री ने घोषणा की कि "हरियालो राजस्थान अभियान को ग्रीन क्रेडिट से जोड़ा जाएगा।" उनके अनुसार "इससे इस अभियान और राज्य के विकास के लिए अन्य कार्यक्रम और योजनाओं के लिए अतिरिक्त फण्ड उपलब्ध होगा और यह पर्यावरण अनुकूल सतत और समावेशी विकास के लक्ष्य की पूर्ति में भी यह बड़ा कदम साबित होगा।"

लखपति दीदी की तर्ज पर 'बीमा सखी' और महिला सशक्तिकरण

डॉ. मीणा ने महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि "नमो ड्रोन दीदी और लखपति दीदी की तर्ज पर 2000 महिलाओं को बीमा सखी के रूप में प्रशिक्षित करेंगे।" इसके अतिरिक्त "आंगनवाडी केन्द्रों, विद्यालयों में तैयार होने वाले मिड-डे मील में पौष्टिक व ताजा सब्जियों को शामिल करने व महिला स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने के लिए 11000 अमृत पोशण वाटिका विकसित की जाएंगी।" उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना व राजीविका का कंवर्जेंस कर महिला स्वयं सहायता समूहों के क्लस्टर लेवल फैडरेशन के कार्यालय भवन और कार्यशालाओं के निर्माण की भी घोषणा की, जो प्रशिक्षण, ब्रांडिंग और बिक्री के मंच बनेंगे।

ग्रामीण विकास हेतु नवीन केंद्र और तकनीकी सुधार

प्रशासनिक और बुनियादी ढांचे में सुधार हेतु मंत्री ने बताया कि "ग्रामीण विकास से सम्बंधित सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रबंधन, निगरानी और क्षमतावर्धन के लिए जयपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ट्रेनिंग एंड कैपेसिटी बिल्डिंग स्थापित किया जाएगा।" साथ ही "केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण मॉडल को ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य मद से संचालित सभी योजनाओं में लागू किया जाएगा।" पीएम आवास के संदर्भ में "प्रचलित स्थानीय तकनीक की आईआईटी, दिल्ली द्वारा स्टडी करवा कर प्रोटोटाइप नक्शे तैयार कर नवगठित पंचायत समिति मुख्यालयों पर 2-2 व अन्य पंचायत समिति मुख्यालयों पर 1-1 प्रोटोटाईप आवास निर्मित करवाए जाएंगे।"

कार्मिक समायोजन और ग्रामीण जनसुविधाएं

विभागीय सुधारों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि "गुणवत्ता नियंत्रण मैकेनिज्म को सशक्त करने और मनरेगा में कार्य कर रहे संविदा कार्मिकों को राजकीय सेवा में समायोजित करने के लिए नवीन ग्रामीण सेवा नियम बनाए जाएंगे।" पशु कल्याण और आयुर्वेद के लिए "प्रत्येक पंचायत समिति में आवारा व परित्यक्त पशुओं के लिए 1 कांजी हाउस खोला जाएगा तथा जैव विविधता संरक्षण और औषध सम्बंधी पौधों तक सहज पहुंच हेतु अमृत संजीवनी पार्क विकसित होंगे।"

भूमि आवंटन और विधायक निधि नियमों में सरलीकरण

आवास की समस्या पर डॉ. मीणा ने बताया कि "ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन व गरीब परिवारों को आवास के लिए निःशुल्क भूमि आवंटन किया जाता है लेकिन बढ़ती आबादी के कारण अब भूमि आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रही, अतः आबादी विस्तार के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।" अंत में उन्होंने सूचित किया कि "स्थानीय विधायक निधि व स्थानीय सांसद निधि में अनुमति, प्रक्रिया, भुगतान सम्बंधी नियमों को सरल और व्यवहारिक बनाने के लिए विधायकों और विभागीय अधिकारियों की समिति गठित की गई है।"

Pratahkal Newsroom

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