जयपुर, 06 मार्च। राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र के दौरान प्रदेश में सामाजिक संतुलन और शांति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। अशांत क्षेत्रों में बढ़ते तनाव, पलायन और सामाजिक असंतुलन की परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा लाए गए विधेयक को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच जयपुर के हवामहल से विधायक श्री बालमुकुंद आचार्य ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे प्रदेशहित में लिया गया एक ऐतिहासिक निर्णय बताया है।

शुक्रवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि लंबे समय से प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बदलते सामाजिक समीकरणों और बढ़ती असुरक्षा की भावना के कारण एक ठोस कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई क्षेत्र सामने आए, जहाँ परिस्थितियों के चलते बहुसंख्यक समाज के लोगों को असुरक्षा और अन्य कारणों से पलायन करने की स्थिति का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही कई स्थानों पर प्राचीन धर्मस्थलों पर अतिक्रमण और सामाजिक तनाव की घटनाएँ भी सामने आईं, जिसने हालात को चिंताजनक बना दिया था।

विधायक आचार्य ने बताया कि इस विषय को उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले भी प्रमुखता से उठाया था और विधानसभा में निर्वाचित होने के बाद भी लगातार इस मुद्दे को सरकार के सामने रखते रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से भी इस संबंध में विशेष रूप से आग्रह किया गया था कि जयपुर के परकोटे क्षेत्र सहित प्रदेश के कई हिस्सों में बन रही परिस्थितियों के समाधान के लिए एक प्रभावी कानून की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की सामाजिक और प्रशासनिक परिस्थितियों का विस्तृत अध्ययन कराया गया। प्राप्त रिपोर्ट और जमीनी हालात का आकलन करने के बाद ही अशांत क्षेत्रों के लिए यह विधेयक तैयार किया गया, जिसे विधानसभा में पारित किया जाना प्रस्तावित है।

आचार्य के अनुसार इस विधेयक के लागू होने से अशांत क्षेत्रों में तेजी से हो रहे पलायन की प्रवृत्ति पर नियंत्रण लगेगा और लोगों को मजबूरी में अपनी संपत्तियाँ बेचने जैसी परिस्थितियों से राहत मिल सकेगी। साथ ही यह कानून प्राचीन धर्मस्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सामाजिक संतुलन बनाए रखने और प्रभावित क्षेत्रों में शांति व विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय दूरगामी प्रभाव वाला साबित होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने इसे सामाजिक सद्भाव, स्थिरता और क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक अहम पहल बताया। उनके अनुसार यह विधेयक प्रदेश के कई संवेदनशील क्षेत्रों के लिए संजीवनी का कार्य करेगा और आने वाले समय में शांति और संतुलन की मजबूत नींव रखेगा।

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