ऑपरेशन मदमारुत में ANTF की बड़ी सफलता: NARKINGPIN-56 सूची का 25 हजार का इनामी तस्कर समीर खान ब्यावर से गिरफ्तार
राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने ऑपरेशन मदमारुत के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए NARKINGPIN-56 सूची में शामिल 25 हजार रुपये के इनामी तस्कर समीर खान को ब्यावर से गिरफ्तार किया। तीन वर्षों से फरार मध्यप्रदेश निवासी तस्कर स्मैक सहित मादक पदार्थों की सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा था। मंदसौर से ब्यावर तक चली गुप्त कार्रवाई ने ANTF को 68वीं बड़ी सफलता दिलाई।

तस्वीर में (बाएं से दाएं) राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के पुलिसकर्मी और अधिकारी ब्यावर अनाज मंडी के पास से गिरफ्तार किए गए आरोपी समीर खान (नीली शर्ट में) के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।
राजस्थान में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का विशेष अभियान “ऑपरेशन मदमारुत” लगातार बड़े परिणाम दे रहा है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के निर्देशन तथा एएनटीएफ के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत राज्य के टॉप ड्रग सरगनाओं की सूची NARKINGPIN-56 में शामिल तीन वर्षों से फरार 25 हजार रुपये के इनामी तस्कर समीर खान को ब्यावर से गिरफ्तार किया गया है।
आईजी विकास कुमार ने बताया कि फलोदी जिले के बाप थाना क्षेत्र में दर्ज मादक पदार्थ तस्करी के एक प्रकरण में वांछित समीर खान पुत्र जारद खान निवासी बामनखेड़ी, जिला रतलाम, मध्यप्रदेश पर पुलिस अधीक्षक फलोदी द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। समीर पिछले तीन वर्षों से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि समीर ने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद मजदूरी शुरू कर दी थी। इसी दौरान उसने अपने एक रिश्तेदार को मादक पदार्थों की तस्करी से भारी मुनाफा कमाते देखा। जल्दी पैसा कमाने के लालच में वह भी इस अवैध कारोबार से जुड़ गया। बाद में उसने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर मध्यप्रदेश से राजस्थान तक स्मैक सहित अन्य मादक पदार्थों की खेप पहुंचाने का नेटवर्क तैयार कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि समीर और उसका रिश्तेदार फलोदी क्षेत्र में अपने एजेंटों के माध्यम से नशे की खेप पहुंचाते थे। वर्ष 2024 में बाप थाना पुलिस ने स्मैक तस्करी के एक मामले में उसके एक एजेंट को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान एजेंट ने समीर और उसके साथी का नाम उजागर किया। इसके बाद प्रकरण दर्ज होते ही समीर ने राजस्थान आना बंद कर दिया और गिरफ्तारी से बचने के लिए मध्यप्रदेश में मजदूरी तथा वाहन चालक का कार्य करने लगा।
फरार तस्कर तक पहुंचने के लिए एएनटीएफ ने सुनियोजित रणनीति बनाई। गुप्त सूचना के आधार पर टीम मध्यप्रदेश के मंदसौर पहुंची, जहां जानकारी मिली कि समीर मुल्तानपुरा क्षेत्र की फैक्ट्रियों में काम करता है और साथ ही वाहन चालक के रूप में भी कार्यरत है। इसके बाद एएनटीएफ अधिकारियों ने कारोबारी का रूप धारण कर स्लेट पेंसिल फैक्ट्री क्षेत्र में कई दिनों तक रेकी की। टीम ने माल खरीदने के बहाने स्थानीय स्तर पर सूचनाएं एकत्रित कीं।
एक फैक्ट्री में बातचीत के दौरान मालिक ने बताया कि उनके यहां समीर नाम का चालक कार्य करता है, जो उस समय बारदाना लेकर ब्यावर मंडी गया हुआ है। यह महत्वपूर्ण सूचना मिलते ही एएनटीएफ ने तत्काल कार्रवाई की योजना तैयार की।
सूचना के आधार पर एएनटीएफ की दूसरी टीम तत्काल ब्यावर अनाज मंडी पहुंची। वहां टीम ने मौजूद वाहनों की जांच शुरू की और पूछताछ करते हुए मंडी के पीछे स्थित बारदाना गोदाम तक पहुंच गई। गोदाम के पास मध्यप्रदेश नंबर की एक पिकअप खड़ी मिली। वाहन के निकट बैठे दो व्यक्तियों में से एक की पहचान समीर खान के रूप में हुई। इसके बाद टीम ने त्वरित घेराबंदी कर उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
आईजी विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ अब तक मादक पदार्थ तस्करी में शामिल 67 फरार तस्करों को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा चुकी है। समीर खान की गिरफ्तारी के साथ ही एएनटीएफ ने अपने अभियान में 68वीं बड़ी सफलता दर्ज की है। उन्होंने कहा कि चाहे अपराधी राजस्थान में हो या राज्य से बाहर, एएनटीएफ उसे कानून के शिकंजे तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में शामिल एएनटीएफ टीमों को मुख्यालय स्तर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि मादक पदार्थ तस्करों या अन्य अपराधियों से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना एएनटीएफ नियंत्रण कक्ष 0141-2502877 अथवा व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर साझा करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
ऑपरेशन मदमारुत के तहत की गई यह कार्रवाई राजस्थान में नशे के नेटवर्क पर एएनटीएफ की लगातार सख्त होती पकड़ का प्रमाण है। तीन वर्षों से फरार और राज्य के टॉप ड्रग सरगनाओं की सूची में शामिल इनामी तस्कर की गिरफ्तारी न केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान को भी महत्वपूर्ण मजबूती प्रदान करती है।

Pratahkal Bureau
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