राजस्थान के नशा मुक्त अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। 'ऑपरेशन रजियांजनेय' के अंतर्गत पिछले एक वर्ष से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी मादक पदार्थ तस्कर हनुमान उर्फ राजू को गुजरात के वडोदरा से गिरफ्तार कर लिया गया। श्रीगंगानगर जिले के रजियासर थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस मामले में वांछित यह अपराधी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था और तकनीकी रूप से अत्यंत सतर्क था।

हनुमान उर्फ राजू का आपराधिक सफर उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि से इतर एक अलग दिशा में मुड़ा। नागौर जिले के खींवसर निवासी 27 वर्षीय हनुमान के पास 100 बीघा कृषि भूमि थी, लेकिन मेहनत के बजाय उसने अपराध का रास्ता चुना। वर्ष 2015 में विवाह के उपरांत आर्थिक महत्वाकांक्षाओं और तस्करों के संपर्क में आने के बाद उसने मादक पदार्थों की तस्करी शुरू कर दी। वर्ष 2025 में श्रीगंगानगर में अपने साथियों की गिरफ्तारी के बाद वह कानून के शिकंजे में आया, लेकिन अग्रिम जमानत न मिलने पर वह फरार हो गया। इस दौरान उसने पुलिस के साथ हाथापाई कर भागने का दुस्साहस भी किया था।

एएनटीएफ की जांच में अपराधी को पकड़ने के लिए एक सटीक तकनीकी और मुखबिर तंत्र का उपयोग किया गया। जांच टीम को उसके घर के पास से वडोदरा की एक मिठाई की दुकान का खाली डिब्बा मिला, जिससे उसकी मौजूदगी का संकेत गुजरात की ओर गया। वडोदरा में लगातार तीन दिन की निगरानी के बाद टीम ने पाया कि अपराधी रोजाना अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर अपने भाई से बात करता था, लेकिन उसकी लोकेशन हमेशा एक ही पार्क के पास मिलती थी। सुबह-शाम पार्क में टहलने की उसकी पुरानी आदत ही उसकी पहचान बन गई और एएनटीएफ ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय भी अपराधी का शातिरपन कम नहीं था; उसने अपनी पत्नी के लिए वडोदरा की प्रसिद्ध मोहनथाल मिठाई ले जाने का भावुक आग्रह किया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस ऑपरेशन में शामिल टीम को सम्मानित किया जाएगा और मादक पदार्थों के खिलाफ यह मुहिम जारी रहेगी।

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