जयपुर, 15 मार्च। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के मार्गदर्शन में राजस्थान में प्राचीन ग्रंथों एवं पाण्डुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण हेतु सर्वे का कार्य 16 मार्च से प्रारंभ होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन, कला-साहित्य एवं संस्कृति तथा पुरातत्व विभाग प्रवीण गुप्ता ने इसकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि यह सर्वे संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के ज्ञान भारतम् मिशन के तहत संचालित किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य प्राचीन ग्रंथों एवं पाण्डुलिपियों का संरक्षण करना और उन्हें डिजिटल रूप में सुरक्षित करना है। सर्वे मार्च, अप्रैल और मई तीन माह के भीतर पूरे राज्य में सभी विषयों की पाण्डुलिपियों पर किया जाएगा। इसके लिए राजस्थान के सभी जिला कलक्टर, विश्वविद्यालय और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश भेज दिए गए हैं।

राजस्थान संस्कृत अकादमी की निदेशक डॉ. लता श्रीमाली को राज्य नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि ज्ञान भारतम् मिशन द्वारा विकसित मोबाइल एप्लिकेशन में लोग अपने पास उपलब्ध पाण्डुलिपियों की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। एप्लिकेशन में प्रविष्ट सूचना से पाण्डुलिपियों के डिजिटलीकरण में सहूलियत होगी। पाण्डुलिपियों की स्कैनिंग एवं डिजिटलीकरण का कार्य 12 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुका है। अब तक 35,411 पृष्ठों की स्कैनिंग की जा चुकी है और राजस्थान राज्य प्राच्य विद्या शोध संस्थान की 1,18,750 पाण्डुलिपियों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है।

पाण्डुलिपि सर्वे के सुनियोजित कार्यान्वयन के लिए राज्य पाण्डुलिपि विरासत परिषद की शीघ्र स्थापना की जाएगी। विश्वविद्यालयों, पुस्तकालयों, मंदिरों, मठों, निजी संस्थाओं और निजी पाण्डुलिपि धारकों के साथ समन्वय स्थापित कर सर्वे किया जाएगा। जन जागरूकता अभियान “हर घर दस्तक” के तहत समस्त जिला कलेक्टरों को अभियान बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि राजस्थान में राजस्थान संस्कृत अकादमी के मुख्य क्लस्टर केंद्र सहित कुल दो मुख्य क्लस्टर केंद्र और तीन स्वतंत्र केंद्र ज्ञान भारतम् मिशन के तहत कार्य करने हेतु नामित किए गए हैं। यह प्रयास हस्तलिखित पाण्डुलिपियों और सदियों पुराने दस्तावेजों को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों के ज्ञान के खजाने तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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