राजस्थान: अमृत 2.0 के तहत 11,560 करोड़ की 363 शहरी परियोजनाओं पर कार्य शुरू
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में 200 शहरों में जलापूर्ति, सीवरेज और जलाशयों के पुनरुद्धार के लिए केंद्र सरकार ने बजट आवंटन में भारी वृद्धि की है।

जयपुर में आयोजित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रदेश के शहरों में अमृत 2.0 योजना के तहत बुनियादी ढांचे और जल प्रबंधन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से राजस्थान के शहरों का बुनियादी ढांचा तेज़ी से सुदृढ़ हो रहा है। अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) 2.0 के तहत केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद राज्य में 11 हजार 560 करोड़ रुपए की लागत से 200 शहरों और कस्बों में 363 परियोजनाओं पर कार्य प्रगतिरत हैं, जो जल और स्वच्छता क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
इन परियोजनाओं में 5 हजार 950 करोड़ रुपए की सीवरेज एवं सेप्टेज प्रबंधन योजनाएं, 5 हजार 99 करोड़ रुपए की जलापूर्ति परियोजनाएं तथा 505 करोड़ रुपए की जलाशय पुनरुद्धार योजनाएं शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र से योजना के बजट आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसके तहत राज्य को 2,341 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे।
राजधानी जयपुर में अमृत 2.0 के अंतर्गत 2,624 करोड़ रुपए की परियोजनाएं विभिन्न चरणों में क्रियान्वित हो रही हैं। जयपुर ग्रेटर नगर निगम क्षेत्र में 600 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज नेटवर्क की मरम्मत और नए क्षेत्रों में सीवर लाइन बिछाने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है, जबकि 731 करोड़ रुपए की जलापूर्ति योजना की डीपीआर स्वीकृत हो चुकी है। हेरिटेज निगम क्षेत्र में एसटीपी निर्माण और अपग्रेडेशन, सीवर लाइनों की मरम्मत, पुरानी लाइनों के प्रतिस्थापन और नई लाइनों के विस्तार के लिए 1040 करोड़ रुपए से अधिक के कार्यों के अनुबंध जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 253 करोड़ रुपए की जलापूर्ति वितरण प्रणाली सुदृढ़ीकरण परियोजना के लिए एनआईटी जारी हो चुकी है।
अन्य प्रमुख शहरों में भी अमृत 2.0 के तहत बड़े पैमाने पर कार्य हो रहे हैं। जोधपुर में लगभग 731 करोड़ रुपए के एसटीपी और सीवरेज कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 725 करोड़ रुपए के कार्य जारी हैं। कोटा में 700.87 करोड़, उदयपुर में 420.92 करोड़, सीकर में 404 करोड़, भीलवाड़ा में 360.94 करोड़, भरतपुर में 299.95 करोड़, अजमेर में 396 करोड़, अलवर में 294.46 करोड़ तथा भिवाड़ी में 276.59 करोड़ रुपए की परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
जलाशयों के पुनरुद्धार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। अमृत 2.0 के तहत 505 करोड़ रुपए की लागत से 134 परियोजनाएं संचालित हैं, जिनका उद्देश्य ऐतिहासिक बावड़ियों, झीलों और तालाबों को पुनर्जीवित करना है, जिससे विरासत पर्यटन और भूजल पुनर्भरण को बल मिलेगा। सुमेरपुर (पाली) में 23 करोड़ रुपए की लागत से वेस्टवाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कर उपचारित जल को जवाई नई में प्रवाहित करने की परियोजना संचालित है, साथ ही सिंहप्रस्थ सरोवर का पुनरुद्धार और विकास कार्य जारी है। नाथद्वारा में 17.3 करोड़ रुपए की लागत से सिहाड़ और नाथूवास तालाबों के पुनरुद्धार कार्य हो रहे हैं, जबकि बांसवाड़ा में 6.77 करोड़ रुपए की लागत से नाथेलाव और डायलाब तालाबों के विकास कार्य प्रारंभ किए गए हैं।
अमृत 2.0 के अंतर्गत हो रहे ये व्यापक कार्य राजस्थान के शहरी ढांचे को आधुनिक, सक्षम और सतत बनाने की दिशा में निर्णायक साबित हो रहे हैं, जिससे प्रदेश के नागरिकों को बेहतर जल प्रबंधन, स्वच्छता और जीवन स्तर का लाभ मिलेगा।

Pratahkal Bureau
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