जयपुर, 25 फरवरी। राज्य में किसानों के हित में संचालित कृषि योजनाओं की प्रभावी क्रियान्विति, प्रगति एवं जमीनी स्तर पर आ रही समस्याओं की समीक्षा को लेकर राज्य की कृषि योजनाओं के क्रम में गठित कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को पंत कृषि भवन के सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं के लाभ को अंतिम छोर पर बैठे किसान तक समय पर पहुंचाने तथा उनकी आय में सतत वृद्धि सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

किसानों के कल्याण हेतु पारदर्शिता और त्वरित समाधान के निर्देश

बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रमुख शासन सचिव, कृषि एवं उद्यानिकी, श्रीमती मंजू राजपाल ने कहा कि "राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।" उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी ढंग से हो तथा किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

बागवानी फसलों की संभावनाएं और सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा

संयुक्त शासन सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान में बागवानी फसलों—फल, फूल एवं सब्जियों—की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने इन फसलों के चयन के साथ ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसे धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने पर ज़ोर दिया, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके। उन्होंने जल संरक्षण के अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को अधिक से अधिक बढ़ावा देने तथा प्रदेश में ईसबगोल, जीरा, सौंफ जैसी फसलों की उन्नत एवं नई किस्मों को व्यापक रूप से प्रमोट करने की आवश्यकता बताई।

मुख्य योजनाओं की समीक्षा एवं आधुनिक कृषि तकनीकों पर मंथन

बैठक में राज्य सरकार की प्रमुख कृषि योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। योजनाओं के अंतर्गत किसानों को मिल रहे लाभ, फसल उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, उन्नत बीज वितरण, मृदा स्वास्थ्य सुधार तथा किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े विषयों पर गहन मंथन हुआ। साथ ही बागवानी, पशुपालन, जैविक खेती एवं सहायक कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।

नियमित मॉनिटरिंग और जिला स्तरीय समीक्षा का निर्णय

कमेटी ने निर्णय लिया कि सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा जिला स्तर पर समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की जाएगी। अधिकारियों को किसानों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए गए। अंत में कमेटी ने विश्वास व्यक्त किया कि इन ठोस प्रयासों से राज्य के कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ

इस महत्वपूर्ण बैठक में आयुक्त कृषि सुश्री चिन्मयी गोपाल, आयुक्त उद्यानिकी श्रीमती शुभम चौधरी, निदेशक कृषि विपणन विभाग श्री राजेश कुमार चौहान सहित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) अविकानगर, बीकानेर एवं भरतपुर के निदेशक, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग, कृषि विपणन विभाग तथा राजस्थान राज्य बीज निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।

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