मदन राठौड़ का बयान: राजस्थान में कृषि अवसंरचना निधि से 1806 परियोजनाएं स्थापित
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि वेयरहाउस और प्रोसेसिंग केंद्रों के विकास से राजस्थान के किसानों के फसलोत्तर नुकसान में 15 प्रतिशत तक की कमी आई है।

राजस्थान में कृषि परिदृश्य एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहाँ केंद्र सरकार की कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) योजना किसानों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का नया आधार बनकर उभरी है। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इस योजना की सफलता को रेखांकित करते हुए बताया कि राजस्थान में कृषि ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से अब तक कुल 1,806 परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। इन परियोजनाओं में विशेष रूप से 753 वेयरहाउस (गोदाम), 984 प्राथमिक प्रोसेसिंग केंद्र तथा 69 कोल्ड स्टोरेज एवं कोल्ड चेन सुविधाएं शामिल हैं, जो राज्य के ग्रामीण अंचल में आधुनिक कृषि सुविधाओं का जाल बिछा रही हैं।
सदन में कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर द्वारा मदन राठौड़ के सवाल पर दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह योजना न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश में कृषि क्षेत्र को नई गति प्रदान कर रही है। आंकड़ों के आईने में देखें तो 11 मार्च 2026 तक देशभर में 1,70,241 परियोजनाओं के लिए लगभग 84,502.78 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की जा चुकी है, जिसमें से 62,219.10 करोड़ रुपए का वितरण धरातल पर किया जा चुका है। राठौड़ ने स्पष्ट किया कि यह निवेश सीधे तौर पर किसानों को उनकी उपज के बेहतर भंडारण, ग्रेडिंग और वैज्ञानिक विपणन में सक्षम बना रहा है।
योजना के जमीनी प्रभावों का विश्लेषण करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद के एक महत्वपूर्ण अध्ययन का हवाला दिया। इस अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि कृषि अवसंरचना में सुधार के चलते फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान (पोस्ट-हार्वेस्ट लॉस) में औसतन 5 से 15 प्रतिशत की प्रभावी कमी दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचे के विकास से बाजार तक किसानों की पहुंच में 10 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
आर्थिक लाभ के संदर्भ में यह तथ्य अत्यंत उत्साहजनक है कि लगभग 63 प्रतिशत लाभार्थी किसानों को बेहतर भंडारण और ग्रेडिंग सुविधाओं के कारण अपनी उपज का 11 से 25 प्रतिशत तक अधिक मूल्य प्राप्त हो रहा है। मदन राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कृषि अवसंरचना निधि के माध्यम से आने वाले समय में राजस्थान की कृषि अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे प्रदेश का किसान न केवल सशक्त होगा बल्कि वैश्विक बाजार की प्रतिस्पर्धा में भी मजबूती से खड़ा हो सकेगा।

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