रेलवे पेंशनभोगी साइबर धोखाधड़ी से रहें सावधान, जालसाजों से सतर्क रहने की अपील
रेलवे ने पेंशनभोगियों को पीपीओ अपडेट और केवाईसी के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल या संदेशों के प्रति आगाह करते हुए गोपनीय जानकारी साझा न करने की सलाह दी है।

हाल ही में यह बात सामने आई है कि कुछ साइबर जालसाज रेलवे अधिकारियों के नाम पर फर्जी फोन कॉल कर रहे हैं और एसएमएस या व्हाट्सएप संदेश भेज रहे हैं। इन संदेशों और कॉल के माध्यम से पीपीओ अपडेट, केवाईसी सत्यापन और अतिरिक्त पेंशन लाभ आदि के बहाने पेंशनभोगियों से उनके व्यक्तिगत और वित्तीय विवरण मांगे जा रहे हैं। पेंशनभोगियों को सूचित किया जाता है कि रेलवे पीपीओ या सेवा रिकॉर्ड को अपडेट करने के लिए कोई लिंक या संदेश नहीं भेजता है।
गोपनीय जानकारी मांगने का कोई अधिकार नहीं
"किसी भी रेलवे अधिकारी को फोन कॉल, एसएमएस, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से बैंक विवरण, ओटीपी, पासवर्ड या कोई भी गोपनीय जानकारी मांगने का अधिकार नहीं है।" रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी रेलवे अधिकारी सोशल मीडिया या कॉल के माध्यम से गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है। पेंशनभोगियों को सतर्क रहने और अपने परिवार के सदस्यों को भी इस संबंध में जागरूक करने की सलाह दी जाती है।
संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल रिपोर्ट करें
धोखाधड़ी के प्रयासों को विफल करने के लिए यह आवश्यक है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की सूचना तुरंत पुलिस साइबर सेल और संबंधित प्रशासनिक कार्यालय को दी जानी चाहिए। "संदिग्ध कॉल या संदेशों की सूचना तुरंत पुलिस साइबर सेल और संबंधित प्रशासनिक कार्यालय को दें।" किसी भी रेलवे अधिकारी के नाम पर आने वाले फर्जी फोन कॉल या संदेशों के झांसे में न आएं और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें।

Pratahkal Bureau
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