उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026' में रेल मंत्रालय को प्रतिष्ठित 'पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवार्ड' से सम्मानित किया। मंत्रालय को यह सम्मान 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों द्वारा सबसे अधिक भवनों को सौर ऊर्जा से सुसज्जित करने की श्रेणी में मिला है। इस उपलब्धि के साथ रेल मंत्रालय ने सार्वजनिक संस्थानों में अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक मानक स्थापित किया है।

रेल मंत्रालय ने देशभर में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए कुल 15,868 उपयुक्त रेल भवनों की पहचान की थी। इनमें से अब तक 79 प्रतिशत यानी 12,495 भवनों पर सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। मंत्रालय ने 424 मेगावाट की निर्धारित क्षमता के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 351 मेगावाट की रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित कर ली है।

राष्ट्रीय स्तर पर भी इस योजना के तहत केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में सौर ऊर्जा विस्तार का काम जारी है। देश के 77 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के अंतर्गत कुल 39,135 भवनों की पहचान की गई थी। इनमें से अब तक 25,984 भवनों को सौर ऊर्जा से सुसज्जित किया जा चुका है, जो कुल चिन्हित भवनों का 66 प्रतिशत है। इस राष्ट्रीय उपलब्धि में रेल मंत्रालय की महत्वपूर्ण भागीदारी रही है।

रेल मंत्रालय ने मार्च 2027 तक शेष सभी उपयुक्त रेल भवनों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस लक्ष्य को पूरा करने के साथ मंत्रालय देशभर में रेलवे परिसरों में सौर ऊर्जा के उपयोग का विस्तार करेगा। 'पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवार्ड' के माध्यम से मंत्रालय के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। यह उपलब्धि भारत को स्वच्छ, ऊर्जा-सक्षम और टिकाऊ भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने के मंत्रालय के संकल्प को भी दर्शाती है।

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