रेल दावा अधिकरण, जयपुर न्यायपीठ में 14 मार्च 2026 को लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें वादकारियों को त्वरित और प्रभावी राहत प्रदान करने हेतु मामलों का सौहार्दपूर्ण निस्तारण किया गया। इस कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य रेल दुर्घटनाओं एवं असामयिक घटनाओं से प्रभावित व्यक्तियों को न्याय सुनिश्चित करना रहा।

त्वरित राहत एवं मुआवजा वितरण

लोक अदालत में कुल 17 मामलों को सूचीबद्ध किया गया था, जिनमें से 16 मामलों का निस्तारण आपसी सहमति से किया गया। इन मामलों में मृत्यु एवं घायल दोनों प्रकार के दावे शामिल थे। लोक अदालत में कुल ₹1,19,40,000/- की राशि 6% ब्याज सहित स्वीकृत की गई, जिससे अनेक प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत मिली। यह कार्यवाही पूर्णतः निष्पक्ष एवं त्वरित राहत के उद्देश्य से संचालित की गई, जिसमें वादकारी ऑनलाइन एवं सामने उपस्थित दोनों रूपों में शामिल हुए।

अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस लोक अदालत में श्री जी. एस. हीरा, माननीय सदस्य (तकनीकी), श्री राजीव जैन, माननीय सदस्य (न्यायिक), श्री महेश चंद जेवलिया, प्रेज़ेंटिंग ऑफिसर, अतिरिक्त रजिस्ट्रार, रेल दावा अधिकरण, जयपुर, अधिकरण के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इन सभी अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से लोक अदालत की कार्यवाही सुचारु, पारदर्शी और वादकारी‑हितैषी रही।

न्यायिक सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता

"रेल दावा अधिकरण, जयपुर पीठ, रेल दुर्घटनाओं एवं असामयिक घटनाओं से प्रभावित व्यक्तियों को शीघ्र एवं प्रभावी राहत प्रदान करने के अपने दायित्व के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।" लोक अदालत का सफल आयोजन इस प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है।

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