प्रस्तावित सात नए कॉरिडोर और जिम्मेदारी

इन सभी परियोजनाओं के शीघ्र कार्यान्वयन की जिम्मेदारी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) को सौंपी गई है। प्रस्तावित कॉरिडोरों की सूची इस प्रकार है:

  • मुंबई–पुणे
  • पुणे–हैदराबाद
  • हैदराबाद–बेंगलुरु
  • हैदराबाद–चेन्नई
  • चेन्नई–बेंगलुरु
  • दिल्ली–वाराणसी
  • वाराणसी–सिलीगुड़ी

DPR संशोधन और तकनीकी मानक

रेलवे बोर्ड द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि "पहले से तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को वर्तमान लागत, परियोजना पूर्णता लागत आदि के अनुरूप संशोधित किया जाए, ताकि प्रोजेक्ट का सही आकलन किया जा सके।" इसके अतिरिक्त, पूरे भारत में हाई स्पीड रेल के लिए एक समान तकनीकी और परिचालन मानक को औपचारिक रूप से अंतिम रूप देने का दायित्व भी NHSRCL को सौंपा गया है।


कोर टीम का गठन और पूर्व-निर्माण गतिविधियाँ

अधिसूचना में निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष बल दिया गया है:

  • प्रत्येक HSR परियोजना के लिए क्षेत्र में तैनात कोर टीम गठित करना।
  • परियोजना-वार मुख्यालय निर्धारित करना।
  • पूर्व-निर्माण गतिविधियों की सूची तैयार करना।
  • अनुबंध दस्तावेजों की प्रक्रिया प्रारंभ करना।

मानव संसाधन और भविष्य की योजना

विभिन्न हाई स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए पर्याप्त और प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन की योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नई परियोजनाओं की आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी कॉरिडोरों के लिए परियोजना-वार मानव संसाधन का आकलन किया जाए, जिसमें भारतीय रेल से आवश्यक कार्मिकों की आवश्यकता को भी सम्मिलित किया जाएगा। इस पूरी कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।


निष्कर्ष

रेलवे की यह पहल देश में आधुनिक, सुरक्षित और तीव्र रेल संपर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।

Pratahkal Bureau

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