पेपर लीक पर संसद में चर्चा से क्यों भाग रही कांग्रेस? डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने डोटासरा-गहलोत से पूछे तीखे सवाल
जयपुर में भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस, गोविंद सिंह डोटासरा और अशोक गहलोत पर तीखे सवाल उठाते हुए संसद में चर्चा की मांग की।

तस्वीर में दिख रहे भाजपा राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल गले में पार्टी का पटका पहने हुए माइक के सामने अपनी बात रख रहे हैं।
भाजपा प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि भाजपा संसद में पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर खुली और सार्थक चर्चा चाहती है, लेकिन कांग्रेस और विपक्षी दल सदन की कार्यवाही बाधित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अवरोध उत्पन्न कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश के युवाओं को गुमराह कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है और उनकी भावनाओं का इस्तेमाल अपनी राजनीति के लिए कर रही है।
डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन नवीन के नेतृत्व में एनडीए के सांसदों ने संसद के मुख्य द्वार पर कांग्रेस द्वारा लगातार सदन नहीं चलने देने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि भाजपा पेपर लीक के मुद्दे पर व्यापक चर्चा और दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई के पक्ष में है, जबकि विपक्ष इस विषय पर चर्चा से बच रहा है। उन्होंने कहा कि जब इस गंभीर मुद्दे के लोकतांत्रिक समाधान की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, तब कांग्रेस बौखलाहट में संसद की कार्यवाही बाधित कर रही है।
भाजपा प्रदेश प्रभारी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जब वे शिक्षा मंत्री थे, तब रीट (REET) परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। उस समय उनके इस्तीफे की मांग उठी थी, लेकिन उन्होंने यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया था कि परीक्षा अधिकारी कराते हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि आज वही गोविंद सिंह डोटासरा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जो उनके दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी सवाल किया कि यदि वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, तो क्या उन्होंने रीट पेपर लीक प्रकरण में तत्कालीन शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को मंत्रीमंडल से हटाया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने कार्यकाल की जवाबदेही तय करनी चाहिए।
डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि नवंबर 2021 में जयपुर में आयोजित एक राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वयं शिक्षकों से सार्वजनिक रूप से पूछा था कि क्या तबादलों के लिए पैसे देने पड़ते हैं, जिस पर उपस्थित शिक्षकों ने एक स्वर में हाँ कहा था। उस समय गोविंद सिंह डोटासरा शिक्षा मंत्री थे, लेकिन इसके बावजूद तत्कालीन शिक्षा मंत्री के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि भाजपा सदन में पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर चर्चा चाहती है, जबकि विपक्ष संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है। डॉ. अग्रवाल ने कांग्रेस से अपने शासनकाल की जवाबदेही तय करने और नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले अपने निर्णयों तथा कार्यप्रणाली पर आत्ममंथन करने का आग्रह किया।

Pratahkal Bureau
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