प्रतापगढ़ पुलिस ने ड्रग तस्कर की 2.10 करोड़ की संपत्ति की फ्रीज
प्रतापगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत तस्कर शाहजेब उर्फ बल्ला के आलीशान मकान और पोल्ट्री फार्म समेत कई बेनामी संपत्तियों को कुर्क किया है।

प्रतापगढ़ में ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत पुलिस अधिकारी एक कुर्क की गई संपत्ति के बाहर लगे कानूनी नोटिस बोर्ड के साथ खड़े हैं।
प्रतापगढ़ पुलिस ने 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के अंतर्गत नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक अत्यंत कठोर और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव शर्मा के मादक पदार्थों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस अभियान की प्रभावी पालना सुनिश्चित करते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के कुशल निर्देशन में थाना अरनोद पुलिस ने कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर शाहजेब उर्फ बल्ला द्वारा तस्करी की काली कमाई से अर्जित साम्राज्य को ध्वस्त कर दिया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ(1) के प्रावधानों का उपयोग करते हुए आरोपी की कुल 2.10 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई की कड़ियां पिछले वर्ष गुजरात में हुई एक बड़ी जब्ती से जुड़ी हुई हैं। 11 फरवरी 2025 को एनसीबी अहमदाबाद की जोनल यूनिट ने नाकाबंदी के दौरान स्कूटी सवार ऐजाज हुसैन शेख और उसकी पत्नी शरीन बानो को 4.534 किलोग्राम अवैध अल्प्राजोलम पाउडर के साथ गिरफ्तार किया था। गहन तफ्तीश के दौरान इस ड्रग्स के स्रोत का खुलासा हुआ, जो अरनोद के नौगांवा निवासी शाहजेब उर्फ बल्ला और उसकी मां यास्मीन बानो तक ले गया। इस सूचना के आधार पर एनसीबी ने 4 जुलाई 2025 को शाहजेब और उसकी मां को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी शाहजेब वर्तमान में साबरमती जेल, अहमदाबाद में न्यायिक अभिरक्षा में बंद है।
गोपनीय सूचना और वित्तीय जांच के आधार पर प्रतापगढ़ पुलिस ने शाहजेब द्वारा अवैध तस्करी से जुटाई गई संपत्ति की गहन पड़ताल की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने परिवार के सदस्यों, विशेषकर मां, पिता और भाई के नाम पर बेनामी संपत्तियां अर्जित की थीं। इसमें नौगांवा स्थित कनाड रोड पर निर्मित आलीशान आवासीय भवन और दो बड़े पोल्ट्री फार्म हाउस शामिल हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1.80 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अतिरिक्त, आरोपी के परिजनों के नाम पर खरीदी गई मारुति स्विफ्ट डिजायर, मारुति ब्रेजा, महिंद्रा स्कॉर्पियो और दो मोटरसाइकिलों सहित अन्य वाहनों का वर्तमान बाजार मूल्य करीब 30 लाख रुपये पाया गया है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत, थानाधिकारी अरनोद पुलिस निरीक्षक शिवलाल द्वारा तैयार किए गए संपत्ति फ्रीजिंग प्रस्ताव को भारत सरकार की अधिकृत कंपिटेंट अथॉरिटी एवं एडमिनिस्ट्रेटर, सफेमा (एफओपी) एवं एनडीपीएस एक्ट, नई दिल्ली को प्रेषित किया गया था। दस्तावेजों के सूक्ष्म परीक्षण के उपरांत, प्राधिकरण ने फ्रीजिंग की कार्रवाई को मंजूरी देते हुए संपत्तियों पर नोटिस जारी किए। तदुपरांत पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इन संपत्तियों पर बोर्ड लगाए और संबंधित विभागों को अग्रिम कार्रवाई हेतु सूचित कर दिया है।
पुलिस जांच में यह तथ्य भी उजागर हुआ कि शाहजेब का संपूर्ण परिवार लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त रहा है। आरोपी का पिता शमशेर खान एनडीपीएस एक्ट के एक अन्य मामले में सजायाफ्ता अपराधी है, जबकि उसका भाई समीर खान मादक पदार्थ के एक बड़े प्रकरण में पुलिस की वांछित सूची में है। स्वयं शाहजेब एनसीबी अहमदाबाद के प्रकरण में आरोपी है और उसकी मां यास्मीन बानो भी इसी मामले में सह-आरोपी के रूप में दर्ज है।
जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने स्पष्ट किया कि प्रतापगढ़ पुलिस भविष्य में भी मादक पदार्थ तस्करों, उनके सहयोगियों और तस्करी से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य लक्ष्य केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी अवैध आर्थिक ताकत की जड़ों को समाप्त करना भी है, ताकि जिले में नशाखोरी के इस नासूर को जड़ से खत्म किया जा सके।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
