प्रतापगढ़ पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत जेल में बंद ड्रग तस्कर घनश्याम कलाल की 1.04 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज कर बड़ी कार्रवाई की।

महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार मादक पदार्थ तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत प्रतापगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल में बंद कुख्यात ड्रग तस्कर घनश्याम कलाल की करीब 1 करोड़ 4 लाख रुपये मूल्य की अवैध चल एवं अचल संपत्तियों पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ(1) के तहत फ्रीजिंग नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में की गई।

जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने बताया कि थाना अरनोद के थानाधिकारी शिवलाल ने आरोपी घनश्याम कलाल की मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित चल एवं अचल संपत्तियों की वित्तीय जांच कर फ्रीजिंग का प्रस्ताव तैयार किया। प्रस्ताव भारत सरकार की अधिकृत कंपिटेंट अथॉरिटी एवं एडमिनिस्ट्रेटर, सफेमा (एफओपी) एवं एनडीपीएस एक्ट, नई दिल्ली को भेजा गया। प्राधिकरण द्वारा प्रस्ताव स्वीकृत किए जाने के बाद शुक्रवार, 10 जुलाई को आरोपी के विरुद्ध फ्रीजिंग नोटिस जारी किए गए। इसके साथ ही संबंधित संपत्तियों पर फ्रीजिंग बोर्ड लगाए गए तथा संबंधित विभागों को भी इसकी सूचना दे दी गई।

यह कार्रवाई वर्ष 2023 में दर्ज एक बड़े एनडीपीएस प्रकरण से जुड़ी है। 22 दिसंबर 2023 को प्रतापगढ़ पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव संचई के पास एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त अवस्था में पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन से 492.850 किलोग्राम डोडा चूरा बरामद कर प्रकरण दर्ज किया। अनुसंधान के दौरान गिरफ्तार आरोपी भूरालाल लबाना से पूछताछ में विजय डांगी और घनश्याम कलाल के नाम सामने आए। विजय डांगी की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि बरामद डोडा चूरा घनश्याम कलाल के साथ मिलकर सप्लाई किया गया था। उस समय घनश्याम कलाल एक अन्य एनडीपीएस मामले में सजा काट रहा था। उसे प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर इस प्रकरण में भी न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

जांच में यह भी सामने आया कि घनश्याम कलाल ने मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित अवैध कमाई से अपनी पत्नी के नाम ग्राम रिछा में करीब 60 लाख रुपये का आलीशान मकान बनवाया। इसके अलावा उसने अपने नाम ग्राम पड़ुनी में करीब 40 लाख रुपये का फार्महाउस तथा लगभग 4 लाख रुपये की मारुति सुजुकी ऑल्टो कार खरीदी। इन सभी संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य करीब 1 करोड़ 4 लाख रुपये आंका गया है, जिन पर अब फ्रीजिंग की कार्रवाई की गई है।

पुलिस के अनुसार घनश्याम कलाल लंबे समय से डोडा चूरा, अफीम सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रहा है। थाना धमोतर के एक एनडीपीएस प्रकरण में उसे 8 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा भी हो चुकी है। उसके विरुद्ध विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य गंभीर मामलों के कुल सात प्रकरण दर्ज हैं।

जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अपराधियों तथा उन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। तस्करी से अर्जित अवैध चल एवं अचल संपत्तियों की पहचान कर एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत उन्हें फ्रीज और जब्त करने की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रखी जाएगी।

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