ऑपरेशन त्रिनेत्र में प्रतापगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ₹2.82 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
ऑपरेशन त्रिनेत्र में प्रतापगढ़ पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर अजब खान की 2.82 करोड़ की कथित अवैध संपत्ति फ्रीज कर बड़ी कार्रवाई की।

तस्वीर में प्रतापगढ़ जिले के अरनोद थाने के पुलिसकर्मी और अधिकारी देवल्दी गांव में कुर्क की गई संपत्ति पर लगाए गए राजस्थान पुलिस के बोर्ड के सामने खड़े नजर आ रहे हैं।
प्रतापगढ़ पुलिस ने मादक पदार्थों की कथित तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति के खिलाफ ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए अरनोद थाने के हिस्ट्रीशीटर एवं हार्डकोर अपराधी अजब खान की करीब 2 करोड़ 82 लाख 80 हजार रुपये की चल-अचल संपत्ति फ्रीज कर दी है। यह कार्रवाई महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ(1) के तहत की गई है।
जिला पुलिस अधीक्षक विशाल जांगिड़ के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयदेव सियाग के मार्गदर्शन में थाना अरनोद पुलिस ने संपत्ति फ्रीजिंग का प्रस्ताव तैयार किया। संबंधित दस्तावेज भारत सरकार की अधिकृत कम्पीटेंट अथॉरिटी एवं एडमिनिस्ट्रेटर, सफेमा एवं एनडीपीएस एक्ट, नई दिल्ली को भेजे गए। सुनवाई के बाद 28 अगस्त 2026 को कम्पीटेंट अथॉरिटी ने फ्रीजिंग आदेश को मंजूरी देकर स्थायी कर दिया।
अजब खान के खिलाफ राजस्थान और मध्यप्रदेश में एनडीपीएस एक्ट, जानलेवा हमला, मारपीट, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार, एससी-एसटी एक्ट, जुआ और राजकार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में कुल 14 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड में वह थाना अरनोद का हिस्ट्रीशीटर एवं हार्डकोर अपराधी दर्ज है।
अजब खान का नाम 16 जून 2020 को थाना लोहावट, जिला फलोदी में पकड़ी गई 796 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा की खेप से भी जुड़ा था। पुलिस ने ट्रक से डोडाचूरा बरामद किया था। मामले में गिरफ्तार ट्रक चालक से हुई जांच में सामने आया कि बरामद डोडाचूरा अजब खान पुत्र अमीरगुल खान निवासी देवल्दी, थाना अरनोद द्वारा भरवाया गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए फलोदी पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
करीब छह वर्ष तक फरार रहने के बाद थाना अरनोद पुलिस ने 28 मार्च 2026 को अजब खान को गिरफ्तार कर थाना लोहावट पुलिस के सुपुर्द किया। वर्तमान में वह जिला जेल जैसलमेर में न्यायिक हिरासत में है।
पुलिस जांच के अनुसार अजब खान ने मादक पदार्थों की कथित तस्करी से अर्जित धन से पिछले करीब छह वर्षों में चल-अचल संपत्तियां खरीदीं। इन संपत्तियों को उसके स्वयं के नाम, पत्नी, माता-पिता और बच्चों के नाम पर दर्ज कराने के बजाय दूर के रिश्तेदारों एवं परिचितों के नाम पर खरीदा गया। पुलिस के अनुसार इन संपत्तियों का उपयोग और उपभोग अजब खान एवं उसके परिवार द्वारा किया जा रहा था।
फ्रीज की गई संपत्तियों में ग्राम देवल्दी में करीब चार बीघा जमीन पर बना आलीशान फार्म हाउस, गैराज, भैंसों का फार्म हाउस, आलीशान मकान, मुर्गी फार्म, बकरी फार्म और टीन शेड शामिल हैं। इन संपत्तियों का वर्तमान अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2.50 करोड़ रुपये बताया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि देवल्दी में जिस जमीन पर फार्म हाउस और मकान बनाए गए हैं, उनमें से एक जमीन गुलोर खान पुत्र अफजल खान के नाम दर्ज है, जबकि अजब खान ने उसे खरीदकर अपने कब्जे में रखा हुआ था। इसी तरह दूसरी आराजी अलग-अलग व्यक्तियों के नाम दर्ज होने के बावजूद उस पर अजब खान का कब्जा बताया गया है। पुलिस जांच के अनुसार संपत्तियों को अपने नाम पर दर्ज नहीं कराने का उद्देश्य कानूनी कार्रवाई से बचना था।
अजब खान ने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर कई वाहन भी खरीदे थे। इनमें भाई के पुत्र के नाम पर थार जीप और मारुति स्विफ्ट कार, बहनोई के नाम पर मोटरसाइकिल, साले के नाम पर महिंद्रा ट्रैक्टर एवं स्प्लेंडर प्लस एक्सटेक मोटरसाइकिल, ससुराल के परिचित के नाम पर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल तथा एक अन्य रिश्तेदार के नाम पर टीवीएस अपाचे शामिल हैं।
इन वाहनों की वर्तमान अनुमानित बाजार कीमतों को मिलाकर पुलिस ने फ्रीज की गई कुल संपत्ति का मूल्य करीब 2 करोड़ 82 लाख 80 हजार रुपये आंका है।
पुलिस ने अजब खान की कथित अवैध संपत्तियों का वित्तीय सत्यापन और दस्तावेजी जांच पूरी करने के बाद 30 जुलाई 2026 को फ्रीजिंग प्रस्ताव कम्पीटेंट अथॉरिटी के समक्ष प्रस्तुत किया था। प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हुई और 28 अगस्त 2026 को कम्पीटेंट अथॉरिटी ने फ्रीजिंग आदेश को मंजूरी देकर स्थायी कर दिया। इस कार्रवाई के साथ प्रतापगढ़ पुलिस ने मादक पदार्थों की कथित तस्करी से जुड़ी संपत्ति पर कानूनी शिकंजा कसते हुए करीब 2.82 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को फ्रीज किया है।

