मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है। प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम से फसल नुकसान की स्थिति में यह योजना प्रदेश के लाखों किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बनकर उभरी है। राजस्थान में देश में सबसे अधिक 62 लाख 58 हजार किसानों को इस योजना में नामांकित किया गया है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में राज्य के लगभग 2 करोड़ 82 लाख हेक्टेयर सकल फसली क्षेत्र में से 1 करोड़ हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को बीमित किया गया है। यह क्षेत्र देश में सर्वाधिक है। राज्य के कुल फसली क्षेत्र में बीमित क्षेत्र की हिस्सेदारी 36 प्रतिशत है, जो देश के औसत 32 प्रतिशत से अधिक है। यह प्रतिशत झारखंड और छत्तीसगढ़ के बाद सबसे अधिक है।

राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2025-26 में व्यापक स्तर पर फसल बीमा कवरेज दर्ज किया गया है। चूरू जिले में 13 लाख 35 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र, बाड़मेर में 11 लाख 48 हजार हेक्टेयर और बीकानेर में 9 लाख 27 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को बीमित किया गया है। चूरू में 77 प्रतिशत, बाड़मेर में 69 प्रतिशत और नागौर में 47 प्रतिशत सकल फसली क्षेत्र का बीमा कवरेज हुआ है।

राज्य में वर्ष 2025-26 तक पिछले पांच वर्षों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत कुल 5 करोड़ 21 लाख हेक्टेयर से अधिक बीमित क्षेत्र दर्ज किया गया है। इस अवधि में किसानों ने 4 हजार 650 करोड़ रुपये से अधिक का प्रीमियम हिस्सा जमा किया, जो देशभर में सबसे अधिक है।

इस दौरान राज्य में 18 करोड़ 81 लाख से अधिक आवेदन नामांकित हुए और किसानों को 18 हजार 189 करोड़ रुपये से अधिक के बीमा दावों का भुगतान किया गया। वर्ष 2024-25 और 2025-26 में फसल बीमा का दायरा और विस्तृत हुआ है। किसानों तक बीमा सुरक्षा पहुंचाने के लिए राज्य सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

इन वर्षों में खरीफ और रबी सीजन को मिलाकर लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की 7 करोड़ 53 लाख से अधिक फसल पॉलिसियां जारी की गईं। बीमा दावों के तहत 4 हजार 498 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को वितरित की गई।

राज्य सरकार की नीतियों के कारण प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं के लिए आर्थिक सुरक्षा का माध्यम बनी है। मौसम की अनिश्चितता, अतिवृष्टि, सूखा, ओलावृष्टि सहित विभिन्न प्राकृतिक जोखिमों से फसल नुकसान की स्थिति में योजना के तहत किसानों को बीमा कवरेज उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं जैसे ओलावृष्टि, सूखा, अकाल, कीटों और बीमारियों के कारण फसल नुकसान से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है। योजना के तहत किसानों को लागत प्रभावी प्रीमियम पर फसल बीमा उपलब्ध कराया जाता है। इसमें किसान, राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर प्रीमियम का भार वहन करते हैं। निर्धारित जोखिमों के कारण बीमित फसल को नुकसान होने पर पात्र किसानों को बीमा दावे के माध्यम से आर्थिक राहत दी जाती है।

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