अष्टम राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा 2026 का शुभारंभ, अन्नपूर्णा देवी ने किया उद्घाटन
केंद्रीय मंत्री ने 23 अप्रैल तक चलने वाले अभियान का आगाज किया, आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वास्थ्य शिविर और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों के जरिए बच्चों के विकास पर होगा जोर।

जयपुर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अष्टम राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ करतीं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और उपस्थित अधिकारी।
जयपुर। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी के द्वारा गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को अष्टम राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा का गरिमामय शुभारंभ किया गया है। इस अवसर पर निदेशक आईसीडीएस श्री वासुदेव मालावत एवं अतिरिक्त निदेशक श्रीमती अनुपमा टेलर ने वीसी के माध्यम से जुड़कर अपनी सहभागिता दर्ज की। राज्य के विभिन्न जिलों के आईसीडीएस उपनिदेशक, सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षक और आंगनबाडी कार्यकर्ता भी वीसी के माध्यम से इस राज्यव्यापी आयोजन का हिस्सा बने। पोषण पखवाड़ा के पहले दिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण रैली का आयोजन किया गया, जिसमें नारा लेखन के जरिए पोषण जागरूकता का संदेश दिया गया। इस गतिविधि में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा सहयोगिनी एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वास्थ्य एवं जागरूकता गतिविधियां
पोषण पखवाड़ा के आगाज के साथ ही विभिन्न केंद्रों पर पोषण पर व्यापक चर्चा की गई और "अम्मा कार्यक्रम" पर विशेष विमर्श हुआ। बच्चों के लिए "दादी नानी की जुबानी" सत्र के तहत पोषण की कहानियों का आयोजन किया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं व बच्चों हेतु स्वास्थ्य एवं पोषण शिविर आयोजित किए गए, जिनमें एएनसी, आईएफए और संतुलित आहार संबंधी गतिविधियां शामिल रहीं। इसके साथ ही हाई रिस्क पहचान, गर्भावस्था काल में वजन वृद्धि और पीएमएमवीवाई योजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। निदेशक श्री वासुदेव मालावत ने कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि — "पोषण पखवाड़ा के दूसरे दिन कल 10 अप्रैल 2026 को मुख्यालय में कार्यरत सभी अधिकारी अपने निवास के नजदीक आंगनबाड़ी केंद्र पर प्रातः 8:00 बजे विजिट कर पोषण पखवाड़ा की गतिविधि में सहभागिता सुनिश्चित करें।"
पोषण व्यंजन प्रदर्शन एवं प्रारंभिक मस्तिष्क विकास
अभियान के दूसरे दिन शुक्रवार, 10 अप्रैल को केंद्रों पर पोषण व्यंजनों का प्रदर्शन और खाना बनाने की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस दौरान जंक एवं पैक्ड फूड से होने वाले नुकसान के बारे में चर्चा कर जन-जागरूकता बढ़ाई जाएगी। इसके पश्चात 11 अप्रैल, शनिवार को विकासात्मक माइलस्टोन की पहचान अभियान का आयोजन होगा और नवचेतना मार्गदर्शिका के अनुसार विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। गौरतलब है कि रविवार, 12 अप्रैल को आंगनबाड़ी केंद्रों पर राजकीय अवकाश रहेगा। सोमवार, 13 अप्रैल को वीएचएसएन डे मनाया जाएगा, जिसमें लाभार्थियों की स्वास्थ्य जांच, ममता कार्ड के अनुसार परामर्श, रोगों की पहचान एवं टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
खेल आधारित शिक्षा और पुरुष सहभागिता
14 अप्रैल, मंगलवार को आंगनबाड़ी केंद्रों पर भाषा एवं कहानी सत्रों के साथ खेल आधारित शिक्षा पर चर्चा की जाएगी। बुधवार, 15 अप्रैल का दिन विशेष रहेगा, क्योंकि इस दिन पुरुष अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और डीआईवाई खिलौना कार्यशाला का आयोजन होगा। 16 अप्रैल को आंगनबाड़ी केंद्रों पर खेल, नृत्य सत्रों और शारीरिक विकास हेतु नन्हे-मुन्नों को योग एवं व्यायाम करवाया जाएगा, जहां नन्हे कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शन का अवसर भी मिलेगा। इसी दिन स्कूल, आंगनबाड़ी एवं पंचायत स्तर पर स्क्रीन के खतरों से बचाव हेतु परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे।
डिजिटल आदतें और सामुदायिक समर्थन
शुक्रवार, 17 अप्रैल को सुरक्षित स्क्रीन सीमा और स्वस्थ डिजिटल आदतों पर वीडियो संदेश प्रसार सत्र आयोजित होंगे। शनिवार, 18 अप्रैल को "नो स्क्रीन आवर" या "फैमिली प्ले टाइम" अभियान के जरिए मोबाइल और टीवी के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर बाहरी खेलों और योग को बढ़ावा दिया जाएगा। 19 अप्रैल के राजकीय अवकाश के बाद, सोमवार 20 अप्रैल को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के "पंखुड़ी पोर्टल" के बारे में जागरूकता फैलाकर पंजीकरण हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा। मंगलवार, 21 अप्रैल को विशेष दान अभियान चलेगा, जिसमें भामाशाहों और सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से खिलौने, शिक्षण सामग्री और स्टेशनरी किट दान करने हेतु प्रेरित किया गया है। इसी दिन भव्य पोषण मेलों का भी आयोजन होगा।
समापन और उपलब्धि का उत्सव
अभियान के अंतिम चरणों में बुधवार, 22 अप्रैल को सोशल मीडिया अभियान और आईईसी सामग्री का प्रदर्शन किया जाएगा। गुरुवार, 23 अप्रैल को पोषण पखवाड़ा के 15वें एवं अंतिम दिन स्थानीय प्रभावशाली लोगों और खिलाड़ियों की उपस्थिति में क्षेत्रीय भाषाओं में कार्यक्रम आयोजित होंगे। इस समापन दिवस पर पोषण और प्रारंभिक मस्तिष्क विकास पर प्रश्नोत्तरी (क्विज), पोस्टर मेकिंग और स्लोगन लेखन जैसी डिजिटल प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। साथ ही पूरे पखवाड़े के दौरान सामने आई सफलता की कहानियों और नवाचारों का विशेष उल्लेख कर अभियान का समापन किया जाएगा।

Pratahkal Bureau
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