1 जुलाई से 15 अगस्त तक राजस्थान में विशेष पोषण अभियान, घर-घर सर्वे और बच्चों की वृद्धि निगरानी पर फोकस
राजस्थान में 1 जुलाई से 15 अगस्त तक विशेष पोषण अभियान के तहत घर-घर सर्वे, पोषण ट्रैकर पंजीकरण और बच्चों की वृद्धि निगरानी पर विभाग ने बड़ा फोकस किया है।

तस्वीर में महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में मेज के चारों ओर बैठे अधिकारी लैपटॉप और कंप्यूटर स्क्रीन के सामने चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने पोषण अभियान 2.0 एवं सक्षम आंगनबाड़ी के तहत वंचित लाभार्थियों तक सभी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 1 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें पोषण संबंधी सभी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना और 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की सटीक वृद्धि निगरानी सुनिश्चित करना है।
समेकित बाल विकास सेवाएं निदेशक श्री वासुदेव मालावत ने बताया कि इस संबंध में शासन सचिव, महिला एवं बाल विकास श्रीमती पूनम की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी क्षेत्र के सभी परिवारों का सर्वे किया जाएगा, सभी पात्र लाभार्थियों का पोषण ट्रैकर पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की वृद्धि की सटीक निगरानी की जाएगी।
अभियान के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नजरी नक्शा तैयार कर प्रत्येक घर का सर्वे करेंगी ताकि कोई भी परिवार, पुरुष, महिला, किशोरी या बच्चा सर्वे से वंचित न रहे। सभी बच्चों का वजन तथा लंबाई अथवा ऊंचाई का सही मापन कर पोषण ट्रैकर पर दर्ज किया जाएगा। महिला पर्यवेक्षक प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर कम से कम 10 बच्चों का रेण्डम सत्यापन भी करेंगी, जिससे दर्ज किए गए आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित की जा सके।
इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों तथा स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों का पंजीकरण किया जाएगा। अभियान के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की प्रोफाइल, केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं से संबंधित जानकारी, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) तथा बीमा योजना के प्रपत्र भी अपडेट किए जाएंगे। सामुदायिक बैठकों के माध्यम से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री अमृत आहार, मुख्यमंत्री मातृ पोषण, वन स्टॉप सेंटर, महिला सुरक्षा सलाह केंद्र तथा अतिकुपोषित बच्चों के लिए दुधयुक्त बालाहार योजना की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए महिला पर्यवेक्षक, बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा उपनिदेशक दैनिक टूर प्लान के अनुसार निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण से संबंधित रिपोर्ट "आंगनबाड़ी केंद्र भ्रमण निगरानी" गूगल फॉर्म पर प्रतिदिन दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। विभाग के अनुसार अभियान शुरू होने से पहले जून माह में यूनिसेफ के सहयोग से सभी स्तरों पर कार्मिकों का प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। विभाग का कहना है कि यह विशेष अभियान पोषण सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच और कवरेज बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Pratahkal Bureau
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