जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ द्वारा राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना देशभर के लाखों रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यापारियों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरी है। राजस्थान में रेहड़ी-पटरी व्यापारियों के सशक्तिकरण में अहम साबित हो रही पीएम स्वनिधि योजना के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं।

योजना की अवधि में विस्तार और ऋण सीमा में वृद्धि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना छोटे व्यापारियों को सस्ती ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्यसभा में 9 मार्च 2026 को राज्य मंत्री द्वारा दिए उत्तर के अनुसार इस महत्वाकांक्षी योजना को 31 मार्च 2030 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को सुलभ ऋण और डिजिटल भुगतान की सुविधा मिल सकेगी। सरकार ने योजना के तहत पहली ऋण किस्त को बढ़ाकर 15,000 रुपये और दूसरी किस्त को 25,000 रुपये तक कर दिया है, जिससे छोटे व्यापारियों को अपने व्यवसाय के विस्तार में अधिक सहायता मिल सके।

डिजिटल भुगतान हेतु रुपे क्रेडिट कार्ड की नई पहल

डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए योजना के अंतर्गत यूपीआई से जुड़ा रुपे क्रेडिट कार्ड भी शुरू किया गया है, जिसकी शुरुआत 23 जनवरी 2026 को हुई। अब तक देशभर में 24,927 से अधिक कार्ड जारी किए जा चुके हैं। 1 मार्च 2026 तक देश में 73.8 लाख वेंडर्स को पहली किस्त, 28.5 लाख को दूसरी किस्त और 7.2 लाख को तीसरी किस्त का लाभ प्राप्त हो चुका है।

राजस्थान में लाभार्थियों के आंकड़े और मदन राठौड़ का वक्तव्य

राजस्थान में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य में 2,15,769 लाभार्थियों को पहली किस्त, 62,735 को दूसरी किस्त और 9,652 को तीसरी किस्त का लाभ मिला है। मदन राठौड़ ने कहा कि "मोदी सरकार की यह योजना रेहड़ी-पटरी व्यापारियों को आर्थिक मजबूती देने, उन्हें औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।" राजस्थान के 2.15 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को मिला पीएम स्वनिधि योजना का लाभ, यह छोटे व्यापारियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर है।

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