जयपुर। गुलाबी नगरी के स्ट्रीट वेंडर्स के लिए आज का दिन एक नए आर्थिक सवेरे की दस्तक लेकर आया। केरल के तिरुवनंतपुरम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पी.एम. स्वनिधि क्रेडिट कार्ड के भव्य शुभारंभ की गूँज जब जयपुर नगर निगम के सभागार तक पहुँची, तो वहां मौजूद हर चेहरे पर मुस्कान और भविष्य के प्रति एक नया विश्वास तैर उठा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भवन के सभागार में आयोजित इस लाइव प्रसारण कार्यक्रम ने न केवल तकनीक के जरिए दिल्ली और केरल को जयपुर से जोड़ा, बल्कि सीधे तौर पर लाभार्थियों के हाथों में वित्तीय स्वावलंबन की चाबी भी थमा दी।

नगर निगम जयपुर के अतिरिक्त आयुक्त श्री नरेंद्र कुमार बंसल ने इस अवसर पर सक्रियता दिखाते हुए मौके पर ही बैंकर्स के साथ समन्वय स्थापित किया। उन्होंने योजना के पात्र लाभार्थियों के ऋण आवेदनों को न केवल त्वरित स्वीकृति दिलाई, बल्कि स्वयं अपने हाथों से चेक वितरित कर स्ट्रीट वेंडर्स के सपनों को धरातल पर उतारा। यह क्षण उन रेहड़ी-पटरी वालों के लिए ऐतिहासिक था, जो अब तक अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए साहूकारों के चक्रव्यूह में फंसे रहते थे।

योजना की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए उपायुक्त श्री श्याम लाल जांगिड़ ने बताया कि पी.एम. स्वनिधि क्रेडिट कार्ड उन योग्य स्ट्रीट वेंडर्स के लिए एक क्रांतिकारी हथियार है, जिन्होंने अपने पिछले दो ऋणों का सफलतापूर्वक पुनर्भुगतान कर अपनी साख स्थापित की है। यह कार्ड 30,000 रुपये की क्रेडिट सीमा और 5 वर्ष की वैधता के साथ आता है, जो ऑन-डिमांड फ्लेक्सिबल क्रेडिट की सुविधा प्रदान करता है। सबसे खास बात यह है कि यह UPI से लिंक्ड एक ब्याज मुक्त रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा है, जो देशभर के उन छोटे व्यापारियों को सशक्त करेगी जो फुटपाथ पर सामान बेचकर अपनी आजीविका चलाते हैं। सरकार का यह कदम समावेशी विकास और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और बैंक प्रतिनिधियों ने भी इस डिजिटल क्रांति के गवाह बनते हुए लाभार्थियों का उत्साहवर्धन किया। जिला परियोजना अधिकारी श्री विश्वेन्द्र तंवर ने जानकारी साझा की कि इस योजना का लाभ उठाने की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है। इच्छुक लाभार्थी नगर निगम जयपुर के मुख्यालय या संबंधित जोन कार्यालयों में आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर जैसे साधारण दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के तहत प्रथम चरण में 15,000, द्वितीय में 25,000 और तृतीय चरण में 50,000 रुपये का ऋण प्रदान किया जाता है, जिस पर सरकार द्वारा 7 प्रतिशत का ब्याज अनुदान भी दिया जा रहा है।

जयपुर नगर निगम अब तक 35,954 स्ट्रीट वेंडर्स को इस योजना से लाभान्वित कर चुका है, जो शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा आंकड़ा है। आमजन और वेंडर्स की सहायता के लिए निगम ने मुख्यालय के कमरा नंबर SE-201 और विभिन्न जोन कार्यालयों में विशेष व्यवस्था की है। यह आयोजन केवल एक सरकारी कार्यक्रम मात्र नहीं था, बल्कि यह उस संकल्प की सिद्धि थी जहां सरकार और प्रशासन सीधे जनता के द्वार पर खड़े होकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

Pratahkal Bureau

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