जयपुर, 13 मार्च। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसान देश की आत्मा है और इनके सम्मान में यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने करोड़ों किसान परिवारों के खातों में पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त हस्तान्तरित की है। इसमें राजस्थान के 66 लाख 76 हजार से अधिक किसान शामिल हैं, जिन्हें 1 हजार 355 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई सोच से किसान कल्याण की नीतियां बनी हैं और हमारी सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है। प्रधानमंत्री शुक्रवार को असम के गुवाहाटी में विभिन्न विकास परियोजनाओं के भूमि पूजन एवं उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे, जिसमें मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा दुर्गापुरा के राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान से वीसी के जरिए जुड़े और उनका संबोधन सुना।

प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में अन्नदाता और नई नीतिगत सोच

श्री शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकता में किसान हमेशा से हैं और गत वर्षों में उनके नेतृत्व में किसान संबंधी नीति में नई सोच आई है। अब किसान को देश की ताकत माना जाता है क्योंकि प्रधानमंत्री का यह दृढ़ संकल्प है कि भारत का किसान समृद्ध बने। इस दिशा में अनेक योजनाएं बनाई गई हैं, जिनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना प्रमुख है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश में मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू की गई है, जिसके तहत पात्र किसानों को हर साल राज्य सरकार की ओर से 3 हजार रुपये की अतिरिक्त सम्मान राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि "राज्य सरकार इस सम्मान निधि की राशि को चरणबद्ध रूप से 12 हजार रुपये तक बढ़ाने के लिए कृत संकल्पित है।"

कृषि बजट में ऐतिहासिक वृद्धि और फसल बीमा क्लेम का वितरण

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि फसल बीमा योजना में खराबे पर पूर्ववर्ती सरकार से ज्यादा मुआवजा दिया जा रहा है और इस योजना में अब तक 6 हजार 473 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम राज्य में वितरित किए जा चुके हैं। हमारी सरकार ने कृषकों के कल्याण को ध्यान में रखकर गत सरकार के अंतिम वर्ष 2023-24 के मुकाबले ऐतिहासिक 34 प्रतिशत की वृद्धि करके वर्ष 2026-27 में कृषि बजट 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये रखा है। वहीं, मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत अब तक 16 लाख से अधिक पशुओं की निशुल्क बीमा पॉलिसी जारी की गई है और पॉलिसी धारकों को लगातार क्लेम वितरण किए जा रहे हैं। वर्तमान में 536 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन गांवों में सेवा दे रहे हैं। राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना में पशुपालकों को 1 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध हो रहा है, जिसमें अब तक 682 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरित किए जा चुके हैं।

सहकार से समृद्धि और सुदृढ़ भंडारण क्षमता

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ की पहलों को प्रभावी रूप से लागू करने में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है। इसी क्रम में अन्न भंडारण योजना के तहत राज्य में 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है। वर्ष 2026-27 के बजट में भी 500 मीट्रिक टन क्षमता के 50 गोदामों के निर्माण का प्रावधान किया गया है। वहीं, 250 और 100 मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदामों के निर्माण तथा पुराने गोदामों के नवीनीकरण से भंडारण क्षमता में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में गेहूं के समर्थन मूल्य खरीद पर 150 रुपये के अतिरिक्त बोनस का प्रावधान है और अब तक 78 लाख से अधिक किसानों को 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ब्याजमुक्त अल्पकालीन फसली ऋण उपलब्ध कराए गए हैं।

कृषि बिजली सब्सिडी और सिंचाई संसाधनों हेतु अनुदान

राजस्थान के 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। सरकार ने बिजली बिलों पर 50 हजार 833 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है और 2 लाख से अधिक नए कृषि कनेक्शन जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि "35 लाख किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये के अल्पकालीन ऋण वितरित किए जाएंगे, जिसके लिए 800 करोड़ रुपये का ब्याज अनुदान दिया जाएगा।" इसके अलावा लगभग 80 हजार किसानों को डिग्गी, सिंचाई पाइप लाइन, फार्म पौंड निर्माण के लिए 585 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान भी दिया जाएगा। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 59 हजार सोलर पंप लगाए गए हैं, जिन पर 921 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। कम पानी से अधिक पैदावार के लक्ष्य के साथ 2 लाख 11 हजार हैक्टेयर में ड्रिप और फव्वारा संयंत्र लगवाए हैं, जिस पर 888 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है।

गोशाला अनुदान और पशुपालन प्रोत्साहन

खेतों में डिग्गी और फार्म पौंड के निर्माण पर 490 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। गोशालाओं के लिए अनुदान में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर अब तक 2 हजार 648 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप देश में किसान की आय दोगुनी एवं लागत कम करने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। श्री मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने तीसरे कार्यकाल के प्रथम दिन ही किसान सम्मान निधि जारी करने की स्वीकृति दी, यह उनकी किसान कल्याण और सेवा की प्राथमिकता को दर्शाता है। ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी संख्या में महिलाएं पशुपालन के काम से जुड़ी हैं, इसलिए राज्य सरकार दूध पर पांच रुपये प्रति लीटर का अनुदान दे रही है।

संकल्प पत्र के वादे और युवाओं को रोजगार की सौगात

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल के मुकाबले सवा दो साल में ही किसान कल्याण के लिए अधिक कार्य किए हैं और संकल्प पत्र के 73 प्रतिशत वादे भी पूरे किए हैं। किसानों के लिए रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौते सहित अनेक जल परियोजनाओं पर जरूरी कदम उठाए गए हैं। रोजगार के विषय पर उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय पेपर लीक होता था, लेकिन अब हमारे कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री के अजमेर दौरे में 21 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए और प्रदेश में अब तक सवा लाख से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। वर्ष 2026 में एक लाख पदों के स्थान पर एक लाख 25 हजार पदों पर भर्ती के लिए कैलेण्डर जारी करने की घोषणा भी की गई है।

किसान कल्याण हेतु केंद्र और राज्य का साझा प्रयास

कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना ने कहा कि "प्रधानमंत्री श्री मोदी किसान सम्मान निधि दे रहे हैं और इसी दिशा में मुख्यमंत्री ने भी प्रदेश के किसानों को 3 हजार रुपये की सम्मान निधि देने का काम किया है, जिससे अब केंद्र व राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली यह राशि 9 हजार रुपये हो गई है।" सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 12 वर्षों में कृषकों की आय दोगुनी करने एवं समर्थन मूल्य बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण काम किए हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, प्रमुख शासन सचिव कृषि एवं उद्यानिकी श्रीमती मंजू राजपाल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

Pratahkal Bureau

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