राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बदलते मौसम, ओलावृष्टि, चक्रवाती वर्षा तथा कटाई के बाद 14 दिन तक खेत में सूखने के लिए रखी फसल के खराब होने पर किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) अब और अधिक सरल तथा प्रभावी बनाई गई है। राज्य सरकार ने योजना के तहत बीमा प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए दिवंगत कृषकों के लंबित फसल बीमा दावों के त्वरित निस्तारण के लिए बीमा कंपनियों को नए निर्देश जारी किए हैं।

आयुक्त कृषि श्री नरेश कुमार गोयल ने बताया कि फसल बीमा की गाइडलाइन के अनुसार बीमित किसान की मृत्यु होने पर उसके वारिसों को बीमा राशि प्राप्त करने के लिए न्यायालय से उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य था। यह प्रक्रिया व्यय साध्य होने के साथ श्रम एवं समय साध्य भी थी। कई मामलों में बीमा क्लेम राशि कम होने के कारण किसान परिवार इस प्रक्रिया में रुचि नहीं ले रहे थे, जिससे बड़ी संख्या में दावे लंबे समय से लंबित पड़े थे।

अब फसल बीमा योजना के अंतर्गत दिवंगत बीमित कृषकों के लंबित दावों के त्वरित निस्तारण के लिए अधिसूचित बीमा कंपनियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। निर्णय के तहत यदि राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर बीमित कृषक ने किसी पारिवारिक सदस्य को मनोनीत किया है तो बीमा दावा राशि का भुगतान तत्काल संबंधित मनोनीत सदस्य को किया जाएगा।

ऐसे मामलों में जहां मनोनयन उपलब्ध नहीं है, वहां दिवंगत कृषक के लंबित फसल बीमा दावों का भुगतान न्यायालय द्वारा जारी वैध उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, संबंधित तहसीलदार अथवा पटवारी द्वारा जारी वारिसनामा या परिवार के सभी सदस्यों की सहमति से अधिकृत किसी एक पारिवारिक सदस्य को किया जा सकेगा।

श्री नरेश कुमार गोयल ने बताया कि जिन प्रकरणों में कोई पारिवारिक विवाद नहीं है, वहां उत्तराधिकार प्रमाण पत्र अथवा वारिसनामा की अनिवार्यता नहीं होगी। यदि परिवार के सभी सदस्य 50 रुपये के नोटरी स्टाम्प पर शपथ पत्र देकर किसी एक सदस्य को दावा राशि प्राप्त करने के लिए अधिकृत करते हैं तो बीमा कंपनी उस अधिकृत सदस्य के बैंक खाते में सीधे भुगतान कर सकेगी।

फसल बीमा क्लेम भुगतान के लिए आवश्यक दस्तावेजों में मृत्यु प्रमाण पत्र, पारिवारिक सहमति शपथ पत्र, बैंक खाते की प्रति अथवा रद्द चैक तथा आधार कार्ड की प्रति को पर्याप्त माना गया है। कृषि विभाग ने सभी बीमा कंपनियों को निर्देशित किया है कि दिवंगत कृषकों के लंबित दावों का मानवीय संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता मिल सके।

उल्लेखनीय है कि लंबे समय से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बड़ी संख्या में बीमा क्लेम इसी प्रक्रिया संबंधी जटिलताओं के कारण लंबित पड़े थे। नए निर्देशों के बाद इन दावों के शीघ्र निस्तारण का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे हजारों बीमित कृषक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। कृषि मंत्रालय, भारत सरकार ने भी राज्य सरकार की इस पहल को सराहा है।

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Pratahkal Bureau

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