राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन का नया अध्याय: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर और भीलवाड़ा को दी 47 अत्याधुनिक ई-बसों की सौगात
राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर और भीलवाड़ा में 47 इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ किया। जानिए कैसे पीएम ई-बस सेवा योजना प्रदेश की परिवहन व्यवस्था बदलने जा रही है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में अमर जवान ज्योति से पीएम ई-बस सेवा के तहत अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे शहरी परिवहन में प्रदूषण कम होगा।
राजस्थान में स्वच्छ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत जयपुर और भीलवाड़ा में इलेक्ट्रिक बसों का शुभारंभ किया। राजधानी जयपुर के अमर जवान ज्योति से 29 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भीलवाड़ा में 18 ई-बसों के संचालन की शुरुआत की गई। इस पहल के साथ प्रदेश में पर्यावरण-अनुकूल और तकनीक आधारित परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अगस्त 2023 में शुरू की गई पीएम ई-बस सेवा योजना का उद्देश्य शहरी परिवहन में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना और प्रदूषण को कम करना है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार डिपो निर्माण, इलेक्ट्रिक अवसंरचना और बस संचालन के लिए राज्य सरकार को सहयोग प्रदान कर रही है, जिससे शहरों में हरित परिवहन प्रणाली को मजबूत किया जा सके।
उन्होंने जानकारी दी कि इस योजना के तहत राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर और अजमेर का चयन किया गया है। केंद्र सरकार ने इन आठ शहरों के लिए 675 इलेक्ट्रिक बसों को स्वीकृति दी है। इसके अतिरिक्त 475 और ई-बसों की मंजूरी मिलने से राज्य को कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में दीपावली तक 675 ई-बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस ये बसें महिलाओं, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा का माध्यम बनेंगी। बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और वातानुकूलित सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और आराम सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेशवासियों को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार शहरी परिवहन के लिए 555 अतिरिक्त ई-बसें तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 50 डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उनके अनुसार यह पहल ‘विकसित राजस्थान 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक बस का विधिवत पूजन किया और बस में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने चालक और परिचालक से बातचीत कर संचालन संबंधी जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री ने स्वयं टिकट लेकर अमर जवान ज्योति से स्टेट हैंगर तक इलेक्ट्रिक बस में सफर किया और यात्री सुविधाओं का अनुभव किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य सरकार के ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत अब तक लगभग 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं और प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत अधिक से अधिक पौधारोपण करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के अध्यक्ष रवि जैन सहित विभिन्न अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। वहीं भीलवाड़ा से विधायक उदयलाल भडाणा, अशोक कोठारी और अन्य नागरिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
राजस्थान में इलेक्ट्रिक बसों के इस विस्तार को सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। आने वाले महीनों में प्रदेश के विभिन्न शहरों में ई-बसों का संचालन शुरू होने के साथ शहरी परिवहन व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है।

Pratahkal Bureau
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