राजस्थान: पीएम आवास योजना-ग्रामीण में 19 लाख से अधिक पक्के घर पूर्ण
राजस्थान में 24.32 लाख आवासों को स्वीकृति मिली, जिसमें केंद्र ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 1,641 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित पक्के घर जो लाभार्थियों को आवासीय सुरक्षा और बेहतर जीवन स्तर प्रदान कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास, सबका विश्वास’ की भावना से प्रेरित योजनाओं ने देश में समावेशी प्रगति के नए आयाम स्थापित किए हैं। इसी दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में राजस्थान में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्के घर के सपने को साकार करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है।
प्रदेश में इस योजना के अंतर्गत अब तक 19 लाख से अधिक पक्के मकानों का निर्माण किया जा चुका है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुरक्षा और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राज्य को 24 लाख 97 हजार 121 मकानों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था, जिसमें से 24 लाख 32 हजार 445 मकानों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 19 लाख 46 हजार 884 मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
योजना के वित्तीय पक्ष पर नजर डालें तो केन्द्र सरकार ने इसके लिए 3 हजार 283 करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक बजट आवंटन किया है। साथ ही, पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रदेश को 2 हजार 771 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई, जिसमें वर्ष 2025-26 में ही 1 हजार 641 करोड़ रुपये की सर्वाधिक राशि दी गई। यह वित्तीय प्रवाह योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी का स्पष्ट संकेत है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बेघर और आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण परिवारों को सस्ते आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह योजना न केवल आवासीय जरूरतों को पूरा कर रही है, बल्कि सामाजिक-आर्थिक असमानता को कम करने और बुनियादी सेवाओं की पहुंच को सुदृढ़ करने में भी अहम भूमिका निभा रही है। योजना के अंतर्गत वर्ष 2029 तक ‘सभी के लिए आवास’ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बजटीय प्रावधानों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2016-17 में 15 हजार करोड़ रुपये के आवंटन को बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में 54 हजार 916 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार, केंद्रीय बजट 2026-27 में ग्रामीण विकास के लिए आवंटन में पिछले एक दशक में 211 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, जो 2016-17 के 87 हजार 765 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 2 लाख 73 हजार 108 करोड़ रुपये हो गया है।
यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका और स्थानीय संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर वित्तीय प्रतिबद्धता बनी हुई है। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्के घरों के निर्माण के लिए आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से प्रदान की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो रही है।
देश के ग्रामीण क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को मूर्त रूप देने में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है, जिसने राजस्थान में समावेशी विकास को नई दिशा और गति प्रदान की है।

Pratahkal Bureau
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