भारतीय रेल मैनजमेंट सर्विस (IRMS) के वरिष्ठ अधिकारी श्री पंकज शर्मा ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबन्धक का कार्यभार ग्रहण कर लिया। इससे पूर्व वे रेलवे बोर्ड में प्रमुख कार्यकारी निदेशक (विद्युत विकास) के पद पर कार्यरत थे।

श्री पंकज शर्मा भारतीय रेल इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग सेवा (IRSEE) के वर्ष 1989 बैच के वरिष्ठ अधिकारी हैं। अपने दीर्घ एवं उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारतीय रेलवे के अनेक महत्वपूर्ण पदों पर सफलतापूर्वक दायित्वों का निर्वहन किया है। उन्होंने रेलवे बोर्ड में प्रमुख कार्यकारी निदेशक (विद्युत विकास), पश्चिम मध्य रेलवे में वरिष्ठ उपमहाप्रबंधक एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी, पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में मंडल रेल प्रबंधक, उत्तर रेलवे में मुख्य इलैक्ट्रिकल इंजीनियर (निर्माण) तथा मुख्य इलैक्ट्रिकल ट्रेक्शन इंजीनियर सहित कई अहम पदों पर कार्य किया है।

मंडल रेल प्रबंधक, कोटा के रूप में श्री पंकज शर्मा ने भारतीय रेल के सबसे महत्वपूर्ण माल एवं यात्री परिचालन वाले मंडलों में से एक का नेतृत्व किया। कोविड-19 महामारी जैसी वैश्विक चुनौती के दौरान उन्होंने दूरदर्शी, सक्षम एवं ऊर्जावान नेतृत्व का परिचय देते हुए विषम परिस्थितियों में भी रेल संचालन को प्रभावी एवं निर्बाध बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल में मिशन रफ्तार के अंतर्गत कोटा मंडल में प्रस्तावित सभी कार्यों की व्यापक पहचान, तकनीकी मूल्यांकन तथा प्राथमिकता निर्धारण सुनिश्चित किया गया। इन कार्यों के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समग्र योजना तैयार की गई, जिससे विभिन्न रेल खंडों पर गति वृद्धि, परिचालन क्षमता में सुधार तथा समग्र परिचालन दक्षता को नई दिशा मिली।

रेलवे बोर्ड में प्रमुख कार्यकारी निदेशक (विद्युत विकास) के रूप में कार्य करते हुए श्री पंकज शर्मा ने रोलिंग स्टॉक, ट्रैक्शन प्रौद्योगिकी तथा रेलवे आधुनिकीकरण से जुड़ी अनेक राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं का नेतृत्व किया। उनके मार्गदर्शन एवं दूरदर्शी नेतृत्व में भारतीय रेल की तकनीकी क्षमता, परिचालन दक्षता तथा आधुनिकीकरण को नई गति प्राप्त हुई।

श्री पंकज शर्मा दाहोद स्थित प्रतिष्ठित 9000 हॉर्सपावर इलैक्ट्रिक लोकोमोटिव प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन में भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे। यह भारतीय रेल का पहला ऐसा रोलिंग स्टॉक है, जिसे यूरोपीय मानकों (EN Standards) के अनुरूप डिजाइन, निर्मित एवं परीक्षण किया गया। इस परियोजना के तहत मात्र 20 महीनों में देश के पहले 9000 हॉर्सपावर इलैक्ट्रिक लोकोमोटिव का रिकॉर्ड समय में निर्माण कर उत्कृष्ट प्रबंधन, प्रभावी समन्वय तथा उच्च तकनीकी दक्षता का उदाहरण प्रस्तुत किया गया।

उन्होंने मिशन रफ्तार कॉरिडोरों में ट्रेनों की गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाने के उद्देश्य से 2X25 केवी ओवरहेड विद्युतीकरण प्रणाली के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके साथ ही हाइपरलूप पहल के नोडल अधिकारी के रूप में भविष्य की परिवहन तकनीकों के मूल्यांकन एवं व्यवहार्यता के आकलन, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Battery Energy Storage System-BESS) जैसी परियोजनाओं तथा इलैक्ट्रिक लोकोमोटिव में डिजिटल ट्विन (Digital Twin) के विकास की अत्याधुनिक पहलों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

श्री पंकज शर्मा शांत, दृढ़ निश्चयी एवं सहज उपलब्ध अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने अपने प्रत्येक दायित्व में टीम वर्क, कार्य उत्कृष्टता, पारदर्शिता, नवाचार तथा तकनीकी विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। रेल परिचालन, अवसंरचना विकास, नीति निर्माण, सतर्कता, सुरक्षा प्रबंधन तथा रणनीतिक योजना सहित अनेक क्षेत्रों में उनका व्यापक एवं बहुआयामी अनुभव उत्तर पश्चिम रेलवे के लिए नई दिशा और गति प्रदान करने वाला माना जा रहा है।

Pratahkal Bureau

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