जयपुर, 2 अक्टूबर। पंचायती राज मंत्री ने शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर पंचायती राज विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सरकार के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए।

बैठक में प्लास्टिक मुक्त राजस्थान के लिए बर्तन बैंक एवं विधायक कोष के निर्धारित लक्ष्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अन्नपूर्णा रसोई का प्रतिमाह निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया। पंचायती राज के भवनों के निर्माण में गुणवत्तारहित निर्माण पाए जाने पर इंजीनियर, संबंधित अधिकारी और ठेकदार की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।

मंत्री ने ग्राम सभाओं को प्रभावी बनाने तथा नए ग्राम सभा रजिस्टर का नमूना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के बाद आने वाले नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत कार्मिकों को आवश्यक प्रशिक्षण देने को भी कहा।

बैठक में गांवों में निर्मित शौचालयों की कार्यशीलता, सामुदायिक शौचालयों की प्रगति तथा स्वच्छता, तालाब आदि से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। गांवों में खुले बोरवेल को ढकने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

गांवों में श्मशान स्थल, खेल मैदान बनाने एवं मृत पशुओं के निस्तारण की समस्याओं के समाधान के लिए नोडल अधिकारी तय करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही आबादी एवं चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए दिए गए निर्देश पर की गई कार्यवाही की भी समीक्षा की गई।

मंत्री ने जनसुनवाई एवं ई-पंचायत पोर्टल को अपडेट करने तथा प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए उनके अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नए पंचायती राज की परिकल्पना को धरातल पर उतारते हुए पंचायतों को अधिक जवाबदेह, प्रभावी और जनभागीदारी आधारित बनाया जाए।

बैठक में डॉ जोगाराम, शासन सचिव और आयुक्त पंचायती राज, सुश्री सलोनी खेमका, निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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