पाली। नगर निगम में महापौर चुनाव को लेकर मुकाबला अब रोचक हो गया है। कांग्रेस से राजबाला हिंगड़ और सुमित्रा जैन ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन अंतिम समय में कांग्रेस ने सुमित्रा जैन के नाम पर मुहर लगाते हुए उन्हें महापौर प्रत्याशी घोषित कर दिया। वहीं भाजपा ने नमिता बुबकिया को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया है।

इधर मुस्लिम समाज की ओर से राशिदा, पूर्व सभापति कुसुम सोनी एवं पुष्पा सोमनानी ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन जमा करवाया है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस की प्रबल दावेदार मानी जाने वाली राजबाला हिंगड़ का निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में ताल ठोकना कांग्रेस के लिए मुश्किल भरा साबित हो सकता है।

नगर निगम में बोर्ड बनाने के लिए कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर की स्थिति में बहुमत के लिए 33 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो कांग्रेस बोर्ड बनाने के नजदीक है। कांग्रेस के 29 पार्षद जीते हैं और चार और पार्षदों के समर्थन से वह 33 के आंकड़े तक पहुंच सकती है। वहीं 10 निर्दलीय विजेताओं को कांग्रेस समर्थित बताया जा रहा है। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय होने पर समीकरण बदल सकते हैं और किस करवट ऊंट बैठेगा, यह कहना कठिन होगा।

भाजपा के 21 पार्षद जीते हैं। बहुमत के लिए उसे 12 और पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। भाजपा के पांच बागी निर्दलीय भी चुनाव जीते हैं, लेकिन उनके साथ आने के बाद भी भाजपा को सात अतिरिक्त पार्षदों की जरूरत रहेगी।

इन सबके बीच यदि निर्दलीय पार्षद चुनावी मैदान में खड़े रहते हैं तो कांग्रेस को यहां निराशा का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस की ओर से महापौर पद की प्रत्याशी सुमित्रा जैन को कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरे अभिषेक चौपड़ा से सामना करना पड़ा था। यहां सुमित्रा जैन ने 291 वोटों से जीत हासिल की।

सुमित्रा जैन कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी और जिला स्तरीय कार्यकारिणी में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं। उनके प्रदेश स्तरीय नेताओं से सीधे संपर्क बताए जाते हैं।

वहीं भाजपा की महापौर उम्मीदवार नमिता बुबकिया पूर्व पार्षद विकास बुबकिया की पत्नी हैं। उन्होंने वार्ड 33 से चुनाव लड़ा था और कांग्रेस के सोहनलाल को 90 वोट से हराया था। 47 साल की नमिता ने बीकॉम तक पढ़ाई की है और पेशे से केमिकल व्यवसायी हैं। यह उनका पहला चुनाव है।

भाजपा से बागी होकर चुनाव जीतीं और निर्दलीय के रूप में महापौर प्रत्याशी बनीं कुसुम सोनी ने कहा कि पत्ते तो अभी खुलेंगे। देखते हैं तुरुप का पत्ता कहां बैठता है। उधर निर्दलीय पुष्पा सोमनानी ने भी पर्चा भरने के बाद दावा किया कि उनके पास निर्दलीय का समर्थन होने के अलावा कांग्रेस-भाजपा के पार्षद भी उनके साथ हैं।

महापौर पद के लिए कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में उतरने से पाली नगर निगम में बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए पार्षदों के समर्थन का गणित अहम हो गया है।

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