जयपुर, 15 मार्च। राजस्थान दिवस-2026 के अवसर पर जयपुर स्थित जवाहर कला केंद्र के कृष्णायन सभागार में रविवार को शाम 6:30 बजे कला-साहित्य एवं संस्कृति विभाग की ओर से पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित उस्ताद गफरुद्दीन खान मेवाती और उनके समूह द्वारा पंडून का कड़ा गायन की भव्य प्रस्तुति दी गई।

उस्ताद गफरुद्दीन खान मेवाती और उनके समूह ने महाभारत की कथा को लोक गायन शैली में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत बगड़ बम-बम-बम लहरी गीत से हुई। उन्होंने महाभारत के विभिन्न प्रसंगों को अपनी सुरीली आवाज में प्रस्तुत कर मिट्टी की खुशबु का अनुभव कराया।

कार्यक्रम में महाभारत के प्रमुख पात्रों जैसे युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल, सहदेव सहित पांडवों, द्रोपदी, दुर्योधन सहित कौरव और अन्य किरदारों के संवादों को लोक गायकी के माध्यम से जीवंत किया गया। इसके साथ ही भपंग वादन की प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें भपंग की विभिन्न ध्वनियों और जुगलबंदी ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। प्रसिद्ध लोक गीत "दुनिया में हो रही है टर्र-टर्र" के समय दर्शकों ने भी कलाकारों के गायन में सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने समय-समय पर तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर कला-साहित्य एवं संस्कृति तथा पुरातत्व उप सचिव एवं जवाहर कला केंद्र की अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. अनुराधा गोगिया सहित पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित उस्ताद अली और उस्ताद गनी उपस्थित थे। उन्होंने उस्ताद गफरुद्दीन खान मेवाती को साफा भेंट कर सम्मानित किया।

मंच संचालन राजेश आचार्य ने किया और पंडून का कड़ा गायन की ऐतिहासिक विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पारंपरिक रूप से पंडून का कड़ा गायन में 1800 से 2500 दोहे गाए जाते थे, जबकि वर्तमान में इस शैली में लगभग 700 से 800 दोहे ही गाए जाते हैं।

इस प्रस्तुति ने राजस्थान की लोक संस्कृति और महाभारत की कथाओं को जीवंत करते हुए दर्शकों को लोक संगीत के अनुभव से जोड़ दिया।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

Next Story