शिक्षा, समाजसेवा एवं आध्यात्मिक जागरण के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान देने वाले पद्मश्री से अलंकृत परम पूज्य स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज को राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित "जीवन साधना गौरव पुरस्कार" से सम्मानित किया गया है। श्री जगदंबा अंध विद्यालय, श्रीगंगानगर में आयोजित एक भव्य एवं गरिमामयी समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने स्वामी जी को यह सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर स्वामी जी को सम्मान चिन्ह, गणेश जी की प्रतिमा, शाल तथा 51,000 रुपए की सम्मान राशि का चेक भेंट कर उनके विराट व्यक्तित्व का अभिनंदन किया गया। उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से इस ऐतिहासिक क्षण का स्वागत किया।

यह पुरस्कार कुलपति प्रो. आनंद भालेराव की एक विशेष सामाजिक पहल है, जो वर्ष 2022 से निरंतर राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पित विभूतियों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जा रहा है। समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. भालेराव ने स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज के आध्यात्मिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने अपना संपूर्ण जीवन मानव सेवा, शिक्षा प्रसार और संस्कार निर्माण के लिए होम कर दिया है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों, निर्धन एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयास संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणापुंज हैं। प्रो. भालेराव ने बल देते हुए कहा कि स्वामी जी जैसी महान विभूति को सम्मानित कर राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर रहा है। उन्होंने समाज के भरण, पोषण और रक्षण की व्याख्या करते हुए कहा कि आध्यात्मिक और वैचारिक प्रगति के माध्यम से समाज का पोषण करने वालों की शक्ति सर्वोपरि होती है और स्वामी जी ने यही महान कार्य किया है।

अपने आशीर्वचन में स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज ने इस सम्मान को समाज सेवा में समर्पित सभी संतों, कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों के चरणों में अर्पित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कार ही समाज को नई दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। स्वामी जी ने कुलपति और उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब शैक्षणिक संस्थाएं संतों और समाजसेवियों के कार्यों को मान्यता देती हैं, तो इससे समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सेवा का भाव सुदृढ़ होता है। उनके शिष्य एवं उत्तराधिकारी स्वामी निजानंद जी महाराज ने अपने अभिभाषण में कुलपति प्रो. भालेराव के अजमेर से श्रीगंगानगर आगमन को दिव्यांग बच्चों के लिए उत्साहवर्धक और महाराजा गंगा सिंह की पावन धरा के लिए गौरवशाली बताया।

कार्यक्रम के दौरान कुलसचिव अमरदीप शर्मा ने विश्वविद्यालय की स्थापना के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, जबकि वित्त अधिकारी प्रदीप अग्रवाल ने स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज की जीवन यात्रा, उनके संघर्षों और श्री जगदंबा अंध विद्यालय के माध्यम से संचालित हो रहे सेवा प्रकल्पों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। समारोह में परीक्षा नियंत्रक श्री मुरली मोहन, अंध विद्यालय के व्यवस्थापक नवनीत ढींगरा, श्री जगदंबा धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय की निदेशक श्रीमती रंजना सेठी सहित अनेक शिक्षाविद, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह का मुख्य आकर्षण दृष्टिबाधित बच्चों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना व देशभक्ति गीत तथा मूकबधिर बच्चों द्वारा प्रस्तुत पंजाबी भांगड़ा और कालबेलिया नृत्य रहा, जिसने अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में सभी आगंतुकों के लिए अल्पाहार का आयोजन किया गया, जो इस सेवाभावी उत्सव के सफल समापन का प्रतीक बना।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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