गुलाबी नगरी की विरासत बचाने सड़कों पर उतरे अफसर: सफाई में लापरवाही पर बरसे सचिव रवि जैन, अधिकारियों को थमाया नोटिस
यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी जयपुर की सफाई व्यवस्था और विरासत संरक्षण को लेकर स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन ने परकोटा क्षेत्र का पैदल निरीक्षण किया। गंदगी और लापरवाही मिलने पर सीएसआई को नोटिस जारी करने और अवैध अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए गए। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 और पर्यटन सीजन के मद्देनजर प्रशासन ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाते हुए शहर के सौंदर्यीकरण पर जोर दिया है।

जयपुर। राजस्थान की राजधानी और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी जयपुर के ऐतिहासिक स्वरूप को सहेजने और स्वच्छता व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए प्रशासन ने अब कमर कस ली है। बुधवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन के निर्देशों की पालना में स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन ने नगर निगम के आला अधिकारियों के साथ परकोटा क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। करीब दो किलोमीटर तक पैदल चलकर किए गए इस औचक निरीक्षण ने निगम के मैदानी अमले में हड़कंप मचा दिया। शासन सचिव ने दोटूक शब्दों में कहा कि वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा केवल एक पहचान नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है और इसे बनाए रखने के लिए धरातल पर ठोस प्रयासों की आवश्यकता है।
निरीक्षण का आगाज अजमेरी गेट से हुआ, जहां सचिव रवि जैन, निदेशक प्रतीक जुईकर और नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने सफाई व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानी। इसके बाद अधिकारियों का काफिला चांदपोल, छोटी चौपड़, बड़ी चौपड़, रामगंज, जौहरी बाजार और संजय बाजार पहुंचा। पैदल भ्रमण के दौरान शासन सचिव ने व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से आकलन किया। संजय बाजार में गंदगी का आलम देख शासन सचिव का पारा चढ़ गया और उन्होंने संबंधित मुख्य स्वच्छता निरीक्षक (CSI) को कड़ी फटकार लगाते हुए उनके विरुद्ध 17-CC का नोटिस जारी करने के सख्त निर्देश दिए। वहीं, टिक्की वालों के रास्ते पर मिली गंदगी को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की और तत्काल सफाई सुनिश्चित करवाई।
प्रशासनिक सख्ती का असर मौके पर ही देखने को मिला, जहां डस्टबिन नहीं रखने वाले दुकानदारों के चालान काटे गए और खुले में कचरा फेंकने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के आदेश दिए गए। शासन सचिव ने स्पष्ट किया कि पर्यटन का पीक सीजन होने के कारण दुनिया भर से पर्यटक जयपुर आ रहे हैं, ऐसे में शहर की छवि से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को 'अलर्ट मोड' पर रहने के निर्देश देते हुए कहा कि मुख्य मार्गों और हेरिटेज स्थलों पर कहीं भी कचरा डिपो नजर नहीं आना चाहिए। अवैध और अस्थाई अतिक्रमणों को तुरंत हटाने के साथ-साथ बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल दुरुस्त करने और प्रमुख स्थलों पर फूलवारी व ग्रीनरी के जरिए सौंदर्यीकरण करने के भी निर्देश दिए गए।
नगर निगम आयुक्त डॉ. गौरव सैनी ने इस अभियान के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि नगर निगम का लक्ष्य हेरिटेज सिटी के मूल स्वरूप को निखारना और स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में जयपुर को देश के अग्रणी शहरों में शुमार करना है। इसके लिए सभी उपायुक्तों को पाबंद किया गया है कि वे प्रतिदिन सुबह और दोपहर अपने-अपने क्षेत्रों का अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें। अभियान के अंत में शासन सचिव ने आमजन से भावुक अपील करते हुए कहा कि जयपुर की विरासत को सहेजना केवल प्रशासन का काम नहीं है, इसमें जनभागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने नागरिकों से सार्वजनिक स्थानों को गंदा न करने और प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया, ताकि गुलाबी नगरी अपनी वैश्विक पहचान को और अधिक गरिमामय बना सके।

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