उत्तर पश्चिम रेलवे पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, एक माह में हजारों मामलों में कार्रवाई कर सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत तस्वीर
उत्तर पश्चिम रेलवे पर आरपीएफ ने एक माह में हजारों मामलों में कार्रवाई कर रेल यात्रियों, रेल संपत्ति और रेलवे परिसरों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज कीं।

उत्तर पश्चिम रेलवे पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने “सेवा ही संकल्प” अभियान के तहत कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के साथ रेल यात्रियों, रेलवे परिसरों और रेल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक माह के दौरान उल्लेखनीय कार्रवाई की है। इस अवधि में यात्रियों की सुरक्षा, रेल संपत्ति की रक्षा, अपराध नियंत्रण और विभिन्न अभियानों के जरिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त श्री ज्योति कुमार सतीजा के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल लगातार उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट और यात्री मित्र बूथ के माध्यम से सहायता मांगने वाले यात्रियों के मामलों में कार्रवाई करते हुए लावारिस बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को उनके परिजनों, एनजीओ अथवा पुलिस को सुपुर्द किया गया। पिछले एक माह में ऐसे मामलों में 7 व्यक्तियों को उनके परिजनों, 85 व्यक्तियों को एनजीओ तथा 2 व्यक्तियों को पुलिस के सुपुर्द किया गया।
ऑपरेशन अमानत के तहत एक माह में ट्रेन अथवा रेल परिसर में भूलवश छूटे 166 यात्रियों के सामान उन्हें वापस सौंपे गए। वहीं यात्रियों के चोरी हुए 41 सामान जीआरपी अथवा सिविल पुलिस को सुपुर्द किए गए तथा यात्रियों के छूटे हुए 8 सामान एलपीओ कार्यालय में जमा कराए गए। विशेष टास्क फोर्स ने उत्तर पश्चिम रेलवे के विभिन्न मंडलों में कुल 41 आरोपियों को मौके पर पकड़कर अग्रिम कार्रवाई के लिए जीआरपी को सुपुर्द किया।
रेल संपत्ति की चोरी से जुड़े 14 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 10 मामलों में 16 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 4,48,199 रुपये मूल्य की रेल संपत्ति बरामद की गई। इसी प्रकार रेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 3161 मामले दर्ज कर 3037 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई तथा 4,81,311 रुपये का जुर्माना वसूला गया। रेल परिसर में धूम्रपान करने के 68 मामलों में 99,000 रुपये तथा गंदगी फैलाने वाले 17 व्यक्तियों से 3,700 रुपये का जुर्माना वसूला गया। बिना स्पष्ट कारण चेन खींचने के 400 मामलों में 327 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई कर 53,450 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि छत अथवा पायदान पर यात्रा करने वाले 41 व्यक्तियों पर 6,200 रुपये का जुर्माना किया गया।
उत्तर पश्चिम रेलवे पर एक माह के दौरान 2011 अभियानों में वाणिज्य विभाग को सहयोग प्रदान करते हुए 4550 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई और 18,98,705 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा रेलवे सुरक्षा बल ने रेलवे भूमि पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण हटाने में भी सहयोग किया तथा ट्रेनों में प्रतिबंधित सामान ले जाने की रोकथाम के लिए सतर्कतापूर्वक कार्रवाई जारी रखी, जिससे रेल यात्रियों और रेलवे परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया गया।

