रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में राह भटके, घर से भागे तथा संकटग्रस्त बच्चों के लिए उत्तर-पश्चिम रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) का “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” लगातार राहत और सुरक्षा का माध्यम बना हुआ है। आरपीएफ टीम ने बीते मात्र 03 दिनों में 09 बच्चों को रेस्क्यू कर सकुशल उनके परिजनों को सौंपा है। वर्ष 2026 में अब तक रेस्क्यू किए गए बच्चों की संख्या 414 पहुंच गई है।

उत्तर-पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री पंकज शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में रेलवे सुरक्षा बल कानून और व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता के साथ-साथ ‘सेवा ही संकल्प’ के तहत निरंतर कार्य कर रहा है। आईजी-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त श्री ज्योति कुमार सतीजा के कुशल नेतृत्व में आरपीएफ रेलवे परिसर, रेल यात्रियों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ विभिन्न अभियानों के माध्यम से यात्रियों को अलग-अलग तरीकों से सेवा प्रदान कर रहा है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार, रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में राह भटके, घर से भागे तथा शोषित बच्चों को सुरक्षा प्रदान कर उनके परिजनों से मिलाने का कार्य लगातार जारी है। इसी कड़ी में आरपीएफ टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए बीते 03 दिनों में 09 संकटग्रस्त बच्चों को रेस्क्यू किया और सुरक्षित उनके परिवारों के सुपुर्द किया।

वर्ष 2026 में उत्तर पश्चिम रेलवे सुरक्षा बल की टीमों ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अब तक कुल 414 बच्चों को रेस्क्यू कर उनके चेहरों पर मुस्कान लौटाई है। इनमें घर से बिना बताए निकले, भटक चुके तथा चाइल्ड ट्रैफिकिंग का शिकार होने से बचे बच्चे शामिल हैं। बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के लिए समर्पित ‘नन्हे फरिश्ते’ अभियान ने रेलवे सुरक्षा बल की मानवीयता और समर्पण को प्रदर्शित किया है।

आरपीएफ ने नागरिकों और रेल यात्रियों से “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” का हिस्सा बनने और जागरूक नागरिक का दायित्व निभाने की अपील की है। आरपीएफ के अनुसार, यदि किसी ट्रेन या स्टेशन परिसर में कोई बच्चा अकेला, डरा हुआ, उदास या किसी संदिग्ध व्यक्ति के साथ दिखाई दे तो तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।

ऐसे किसी भी संकटग्रस्त बच्चे की जानकारी मिलते ही रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क किया जा सकता है या आरपीएफ स्टाफ अथवा रेलवे कर्मचारियों को सूचित किया जा सकता है। आपात स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर भी सूचना दी जा सकती है। किसी बच्चे को जबरन ले जाते हुए देखे जाने पर तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करने की अपील की गई है।

रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ समाज के प्रति अपने मानवीय कर्तव्यों के निर्वहन के लिए प्रतिबद्ध है। किसी संकटग्रस्त बच्चे की समय पर पहचान और सूचना उसे सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

Pratahkal Bureau

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