उत्तर पश्चिम रेलवे मुख्यालय, जयपुर में 18 सितम्बर, 2026 को लंबित न्यायिक प्रकरणों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे से संबंधित न्यायालयीन मामलों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, न्यायालयीन आदेशों की समयबद्ध अनुपालना तथा अवमानना प्रकरणों को न्यूनतम रखने पर विशेष जोर दिया गया।

अपर महाप्रबंधक श्री अशोक माहेश्वरी ने सभी मुख्य विधि सहायकों को निर्देश दिए कि लिम्बस पोर्टल पर न्यायिक प्रकरणों को रियल टाइम बेसिस पर अपडेट किया जाए। लंबित कोर्ट केस से संबंधित दस्तावेज तत्काल पोर्टल पर अपलोड करने तथा प्रत्येक माह के अंतिम दिन मासिक कम्प्लायंस रिपोर्ट प्रधान कार्यालय को भेजना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में लंबित अवमानना प्रकरणों की गंभीरता से समीक्षा की गई। अपर महाप्रबंधक ने सभी अवमानना प्रकरणों में तत्काल अपेक्षित कार्रवाई करने तथा संबंधित अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि न्यायालयों के आदेशों की समय पर अनुपालना सुनिश्चित हो और अवमानना की स्थिति उत्पन्न न हो।

उन्होंने प्रत्येक सुनवाई पर रेलवे की ओर से नियुक्त अधिवक्ताओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा न्यायिक प्रकरणों में जवाब निर्धारित समय-सीमा में प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया। सिविल न्यायालयों द्वारा दिए गए आदेशों की निर्धारित समय सीमा में अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि न्यायालयीन आदेशों की अवहेलना की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सके।

उप महाप्रबंधक (विधि) श्री प्रतुल सारोलिया ने लिम्बस पोर्टल पर दर्ज सभी कोर्ट केस की वास्तविक एवं अद्यतन स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने, एक्सेप्शन रिपोर्ट को तत्काल क्लियर करने तथा न्यायालयों में जवाब-दावे समय पर दाखिल करने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने 10 वर्ष से अधिक समय से लंबित न्यायिक प्रकरणों की केस-टू-केस समीक्षा करने के निर्देश दिए। संबंधित अधिवक्ता एवं अधिकारी के साथ चर्चा कर ऐसे मामलों के शीघ्र निस्तारण के प्रयास करने तथा प्रधान कार्यालय द्वारा जारी कार्ययोजना को प्रभावी रूप से लागू करने को कहा।

श्री सारोलिया ने लंबित सभी अवमानना प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित नामित अधिवक्ताओं के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही कोर्ट केस के जवाबनामे एक माह के भीतर माननीय न्यायालयों में दाखिल करने की अनिवार्यता की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक के दौरान उप मुख्य विधि अधिकारी श्री अशोक कुमार ने निर्माण विभाग, प्रधान कार्यालय से संबंधित न्यायिक प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने न्यायिक मामलों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जारी निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने तथा प्रकरणों की नियमित निगरानी पर जोर दिया।

इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक श्री अशोक माहेश्वरी ने कार्यशाला, अजमेर में कार्यरत श्री प्रशांत पांडे को सर्वश्रेष्ठ मुख्य विधि सहायक के रूप में चयनित होने पर प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्हें पुरस्कार स्वरूप ₹2,000 की नकद राशि भी प्रदान की गई।

बैठक में न्यायिक प्रकरणों की प्रभावी मॉनिटरिंग, डिजिटल रिकॉर्ड को अद्यतन रखने, समयबद्ध कार्रवाई और न्यायालयीन आदेशों की अनुपालना के माध्यम से रेलवे से संबंधित मामलों के शीघ्र निस्तारण की दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर बल दिया गया।

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