उत्तर पश्चिम रेलवे: 23,178 वाटर टैंकों की सफाई पूरी, मंडलों ने हासिल किया लक्ष्य
17 अगस्त से शुरू अभियान में अजमेर, जयपुर, जोधपुर और बीकानेर मंडलों में 100% सफाई हुई, गुणवत्ता जांच के लिए पानी के हजारों सैंपल टेस्ट किए गए।

रेलवे स्टेशन के पेयजल स्टैंड पर पानी का सैंपल टेस्ट करता हुआ व्यक्ति।
उत्तर पश्चिम रेलवे के विशेष स्वच्छता अभियान के तहत सभी 23,178 वाटर टैंकों की सफाई पूरी कर ली गई है। यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 17 अगस्त 2026 से शुरू किए गए इस विशेष अभियान में अजमेर, जयपुर, जोधपुर और बीकानेर मंडलों ने वाटर टैंकों की 100 प्रतिशत सफाई का लक्ष्य प्राप्त किया है।
उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा बताया गया कि वाटर टैंकों की सफाई नियमित शेड्यूल के अनुसार भी की जाती है, लेकिन विशेष स्वच्छता अभियान के दौरान निर्धारित शेड्यूल के अतिरिक्त विशेष रूप से सभी जल टैंकों की सफाई की गई। इस अभियान के तहत रेलवे परिसरों में पेयजल व्यवस्था की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया।
पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल की नियमित जांच भी की जा रही है। अभियान के दौरान अब तक 8,682 अवशिष्ट क्लोरीनीकरण (Residual Chlorination) परीक्षण, 972 जैविक (Biological) परीक्षण और 445 रासायनिक (Chemical) परीक्षण किए जा चुके हैं। इन परीक्षणों के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के विशेष अभियान में जल स्रोतों की सफाई के साथ जल गुणवत्ता की नियमित जांच और पेयजल के सुरक्षित भंडारण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सभी 23,178 वाटर टैंकों की सफाई पूरी होने के साथ अजमेर, जयपुर, जोधपुर और बीकानेर मंडलों में 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है, जिससे रेलवे परिसरों में स्वच्छता के उच्च मानकों को बनाए रखते हुए यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूती मिली है।

