जयपुर। कला, संस्कृति और सृजनात्मक अभिव्यक्तियों के अद्भुत संगम के बीच सोमवार को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) एवं स्कूल ऑफ मीडिया स्टडीज, जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय “नृत्यम” कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ ऑडिटोरियम, जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी में हुआ।

गरिमामयी दीप प्रज्ज्वलन और परिकल्पना

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रो. एच.एन. वर्मा (प्रति-कुलपति), प्रो. आर.एल. रैना (कुलपति, जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी), प्रो. मौलिक शाह (निदेशक, स्कूल ऑफ मीडिया स्टडीज) एवं पूरन सिंह (समाजसेवी) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस विशेष कार्यक्रम की परिकल्पना केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा द्वारा की गई है, जिसका उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय कलाओं को जीवंत मंच प्रदान करना है।

पुंग ढोल चोलम और भरतनाट्यम की गूंज

कार्यक्रम की शुरुआत मणिपुरी शैली के ऊर्जावान पुंग ढोल चोलम एवं स्टिक बैलेंस नृत्य से हुई, जिसकी प्रस्तुति श्री श्याम सिंह एवं दल, दिल्ली द्वारा दी गई। ढोल की गूंज, तीव्र लय और संतुलन कला के अद्भुत प्रदर्शन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इसके पश्चात भरतनाट्यम नृत्य की सशक्त प्रस्तुति सुश्री प्रियंका रावत एवं दल, दिल्ली द्वारा दी गई। भाव-भंगिमा, मुद्राओं और लयबद्धता से परिपूर्ण इस प्रस्तुति में भक्ति और सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कथक के माध्यम से कृष्ण रास का सजीव चित्रण

कार्यक्रम के अंत में कथक समूह नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति श्री प्रद्युम्न भार्गव एवं दल, गुरुग्राम द्वारा दी गई। उन्होंने “कृष्ण रास” की प्रस्तुति में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का सजीव चित्रण किया, जिसमें आनंद, प्रेम और भावनाओं की सुंदर अभिव्यक्ति ने दर्शकों से भरपूर तालियां बटोरीं। शास्त्रीय नृत्यों की इन मनमोहक प्रस्तुतियों ने पहले दिन की शाम को यादगार बना दिया।

Pratahkal Bureau

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