भारतीय रेल के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में उत्तर पश्चिम रेलवे को 21 जून को कई महत्वपूर्ण सौगातें मिलने जा रही हैं। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव राजस्थान और गुजरात-बिहार को जोड़ने वाली दो नई रेल सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधाओं और रेल परिचालन क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए खातीपुरा में अत्याधुनिक मेगा कोचिंग टर्मिनल तथा विभिन्न स्टेशनों पर विकसित नई सुविधाओं का भी लोकार्पण किया जाएगा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय कानून एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल 21 जून को प्रातः 9 बजे बीकानेर स्टेशन पर आयोजित समारोह में बीकानेर (लालगढ़)-अमदावाद (साबरमती) एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे खातीपुरा रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में अश्विनी वैष्णव जयपुर (खातीपुरा)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस को रवाना करेंगे।

खातीपुरा स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री 205 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मेगा कोचिंग टर्मिनल का भी शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा उत्तर पश्चिम रेलवे के 41 छोटे एवं मध्यम श्रेणी के स्टेशनों पर विकसित नए प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म उन्नयन एवं विस्तार कार्यों तथा 16 स्टेशनों पर स्थापित एकीकृत यात्री सूचना प्रणाली का लोकार्पण भी किया जाएगा।

बीकानेर में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा, विधायक सिद्धि कुमारी, जेठानंद व्यास, ताराचंद, विश्वनाथ मेघवाल तथा सुशीला रामेश्वर डूडी उपस्थित रहेंगे। वहीं खातीपुरा में आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, जयपुर सांसद मंजू शर्मा तथा बगरू विधायक कैलाश चंद वर्मा शामिल होंगे।

जयपुर (खातीपुरा)-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस राजस्थान और बिहार के बीच संपर्क को नई मजबूती प्रदान करेगी। रोजगार, शिक्षा, व्यापार और पारिवारिक कारणों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह सेवा विशेष रूप से लाभकारी मानी जा रही है। अमृत भारत एक्सप्रेस भारतीय रेल की आधुनिक और यात्री-केंद्रित पहल का हिस्सा है, जिसमें अत्याधुनिक कोच, एलईडी प्रकाश व्यवस्था, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, आधुनिक सूचना एवं उद्घोषणा प्रणाली, स्वच्छ शौचालय तथा सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

यह रेल सेवा राजस्थान की राजधानी जयपुर और मिथिला संस्कृति के प्रमुख केंद्र दरभंगा के बीच आवागमन को अधिक सुगम बनाएगी। इससे दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, व्यापारिक गतिविधियों और पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से राजस्थान में कार्यरत बिहार के प्रवासी श्रमिकों, विद्यार्थियों और व्यवसायियों को इस सेवा का सीधा लाभ मिलेगा।

वहीं बीकानेर (लालगढ़)-अमदावाद (साबरमती) एक्सप्रेस राजस्थान और गुजरात के बीच सीधा, तेज और सुविधाजनक रेल संपर्क स्थापित करेगी। लगभग 740 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह नई दैनिक एक्सप्रेस सेवा अहमदाबाद, महेसाणा, पाटन, बनासकांठा, जालौर, बालोतरा, जोधपुर, नागौर और बीकानेर सहित अनेक जिलों को जोड़ेगी। इसके प्रमुख ठहरावों में साबरमती, महेसाणा, पाटन, भीलड़ी, धानेरा, रानीवाड़ा, मारवाड़ भीनमाल, मोदरान, जालौर, मोकलसर, समदड़ी, लूणी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, नागौर, नोखा, बीकानेर और लालगढ़ शामिल हैं।

नई रेल सेवा गुजरात और राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी जोड़ने का कार्य करेगी। इससे दोनों राज्यों के बीच पर्यटन, व्यापार और सामाजिक संपर्क को बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को सुविधाजनक यात्रा का नया विकल्प उपलब्ध होगा।

रेलवे द्वारा यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत उत्तर पश्चिम रेलवे के 77 स्टेशनों पर 4100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकास कार्य किए जा रहे हैं। इनमें से पांच स्टेशनों का पुनर्विकास पूर्ण कर उन्हें आमजन के लिए उपलब्ध कराया जा चुका है, जबकि शेष स्टेशनों पर कार्य तेजी से जारी है। स्टेशन भवनों के आधुनिकीकरण, पार्किंग, प्रतीक्षालय, नए प्लेटफॉर्म शेल्टर, दिव्यांगजन सुविधाओं, वाटर बूथ, बेहतर साइनेज और चौड़े फुटओवर ब्रिज जैसी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

खातीपुरा में निर्मित मेगा कोचिंग टर्मिनल रेलवे अनुरक्षण व्यवस्था को नई तकनीकी शक्ति प्रदान करेगा। यहां दो वॉशिंग लाइन, दो इंस्पेक्शन बे लाइन, भारी मरम्मत के लिए दो लाइन वाला कवर्ड शेड, सात स्टेबलिंग लाइन और एक व्हील लेथ लाइन विकसित की गई है। इसके साथ ही पहली बार बोगी ड्रॉप पिट मशीन, रिट्रैक्टेबल ओएचई, फोर-टियर एग्जामिनेशन सिस्टम, सिंक्रोनाइज्ड कोच लिफ्टिंग सिस्टम, ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट और बॉडी अंडर गियर स्कैनिंग सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन आधुनिक सुविधाओं के शुरू होने से ट्रेनों के अनुरक्षण कार्य की गुणवत्ता, गति और सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही जयपुर जंक्शन पर बढ़ते परिचालन दबाव को कम करने और भविष्य में अधिक रेल सेवाओं के संचालन का मार्ग भी प्रशस्त होगा। उत्तर पश्चिम रेलवे में शुरू होने वाली ये नई परियोजनाएं न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेंगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास, आर्थिक गतिविधियों और देश के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क को भी नई मजबूती देंगी।

Pratahkal Bureau

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