उत्तर पश्चिम रेलवे पर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देते हुए यात्रियों को बेहतर, तेज और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में केन्द्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री एवं भारतीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के संदेश के साथ रेलवे परिसरों में डिजिटलीकरण की गति और तेज हुई है।

उत्तर पश्चिम रेलवे पर रेलवे टिकट, पार्सल, रिटायरिंग रूम, गुड्स तथा अन्य सेवाओं के भुगतान के लिए ऑनलाइन डिजिटल पेमेंट का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में माल लदान और पार्सल बुकिंग में शत-प्रतिशत डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू है। वहीं इंटरनेट के माध्यम से बुक होने वाले लगभग 88 प्रतिशत टिकट डिजिटल रूप से बुक किए जा रहे हैं। आरक्षित टिकट बुकिंग में लगभग 22 प्रतिशत तथा अनारक्षित टिकट बुकिंग में लगभग 16 प्रतिशत भुगतान डिजिटल माध्यम से प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर जालोर से पहली बार जयपुर और दिल्ली के लिए सीधा संपर्क स्थापित करने वाली भुज–दिल्ली रेल सेवा को हरी झंडी दिखाई गई। इस दौरान जालोर–पाली मारवाड़–दिल्ली उद्घाटन स्पेशल ट्रेन से यात्रा करते हुए श्री Ashwini Vaishnaw ने लूनी स्टेशन स्थित फूड स्टॉल पर रसगुल्ले का भुगतान डिजिटल माध्यम से कर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने का संदेश दिया। यह पहल रेलवे परिसर में तेजी से हो रहे डिजिटलीकरण का प्रतीक भी बनी।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने बताया कि स्टेशनों पर यात्रियों की लंबी कतारों को कम करने तथा “डिजिटल इंडिया” अभियान को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अनारक्षित टिकट काउंटरों, पार्सल कार्यालयों, फूड स्टॉल तथा अन्य सेवा केंद्रों पर डायनामिक क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रणाली लागू की गई है। इसके माध्यम से यात्री सीधे टिकट खिड़की पर ही ऑनलाइन भुगतान कर समय की बचत कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रमुख स्टेशनों पर आरक्षण टिकट काउंटरों में पीओएस मशीनों के माध्यम से डिजिटल भुगतान सुविधा पहले से उपलब्ध है। इसके साथ ही कई स्टेशनों पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) के जरिए भी यात्री डिजिटल माध्यम से अनारक्षित टिकट प्राप्त कर रहे हैं। यूपीआई (UPI) आधारित भुगतान प्रणाली से खुले पैसे की समस्या समाप्त हो रही है और यात्रियों को पारदर्शी, सुरक्षित तथा तेज सेवा मिल रही है। रेलवन एप और आईआरसीटीसी वेबसाइट के माध्यम से टिकट बुकिंग पर भी डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के 603 स्थानों पर डायनामिक क्यूआर कोड सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। यात्री पेटीएम, गूगल पे और फोनपे जैसे यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से सहजता से भुगतान कर रहे हैं। सभी आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट काउंटरों तथा पार्सल कार्यालयों में यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे डिजिटल लेनदेन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

रेलवे प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया, जागरूकता अभियानों और कर्मचारियों के माध्यम से यात्रियों को डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक, तेज और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिससे डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिल सके।

Pratahkal Bureau

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